रामनगरः जिस कार्बेट की वजह से झांकी को देश में मिला पहला स्थान उन्हीं दैनिक श्रमिकों को वेतन के लाले

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Edited By Amrit Vichar
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रामनगर,अमृत विचार। बेशक कार्बेट नेशनल पार्क के वन्यजीवों की अहम भागीदारी की वजह से गणतंत्र दिवस पर उत्तरखण्ड की झांकी को पहला स्थान मिला हो मगर सच्चाई तो यही है कि वन्य जीवों के संरक्षण में अपना अहम किरदार निभाने वाले दैनिक वेतन भोगी पिछले कई महीनों से वेतन की बाट जोहने पर मजबूर हैं। वेतन न मिल पाने से इन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो चुका है। 

मंगलवार को कालागढ़ टाइगर रिजर्व के दैनिक कार्मिकों ने भाजपा नेता गणेश रावत के नेतृत्व में पार्क निदेशक धीरज पांडे से मुलाकात करके महीनों से अटके वेतन और एरियर का भुगतान देने की मांग उठाई। पार्क निदेशक ने समस्या का संज्ञान लेकर कालागढ़ के प्रभागीय वनाधिकारी को कार्यवाही के निर्देश देकर जल्द मामला सुलझाने का आश्वासन दिया है।

बता दें, कि इन दैनिक वन श्रमिकों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद वेतन और एक साल से एरियर नहीं मिल सका है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व में वेतन और एरियर से दैनिक वेतनभोगी वंचित हैं। जबकि पार्क के ही कॉर्बेट वाले हिस्से में इसका लाभ दिया जा रहा है।

भाजपा नेता गणेश रावत ने  कहा कि दैनिक श्रमिक वन विभाग का अहम अंग हैं और पेट्रोलिंग से लेकर अन्य कार्यों में इनका बड़ा योगदान है। इन्हें समय पर नियमित वेतन और अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।

इस दौरान गणेश रावत, राजेश कपिल, शरद चौहान, कृपाल सिंह, भुवन चंद्र, जगदीश शर्मा, दयाल राम , दैनिक मजदूर आउटसोर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। उधर कार्बेट के निदेशक धीरज पांडे ने बताया कि टाइगर प्रोजेक्ट से इस बार बजट देर में रिलीज हुआ है जल्द ही दैनिक श्रमिकों के वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।

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