संभल : चक्का जाम को लेकर किसानों और पुलिस में नोकझोंक, 100 से अधिक गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपे

संभल, अमृत विचार।  भारतीय किसान यूनियन असली के बैनर तले तमाम किसान गन्ना मूल्य और छुट्टा पशुओं समेत कई समस्याओं को लेकर चक्का जाम करने के लिए निकले तो पुलिस ने रोक लिया। किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। पुलिस ने दो स्थानों से 100 से अधिक किसानों को हिरासत में ले किया। किसान नेताओं ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपकर मांगें उठाईं।

भारतीय किसान यूनियन असली ने गुरुवार को गवां मार्ग पर खिरनी तिराहा और हसनपुर मार्ग पर गांव देहपा में चक्का जाम करने का ऐलान किया था। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। बुधवार देर रात से कई किसान नेता और किसानों को घरों पर ही नजरबंद कर लिया गया।

गुरुवार सुबह ही भाकियू पदाधिकारियों और किसानों ने चक्का जाम के स्थानों का रुख किया। गांव अझरा से भाकियू जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के नेतृत्व में किसान निकले तो खिरनी से करीब दो किलोमीटर पहले ही रोक लिया गया। किसानों ने खिरनी तिराहे की तरफ बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस से नोकझोंक हो गई। भाकियू जिलाध्यक्ष ने सीओ बहजोई को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने भाकियू पदाधिकारियों समेत 50 किसानों को हिरासत में लिया। हालांकि बाद में छोड़ दिया गया। इस दौरान जयवीर सिंह यादव, वीरेश, वारिस, फाजिल, ब्रह्मचारी, अताउर्रहमान, वीर सिंह आदि मौजूद रहे।

देहपा में भी पुलिस किसानों को रोका 
संभल। भाकियू असली के युवा जिलाध्यक्ष चौधरी दिनेश सिरोही के नेतृत्व में किसान हसनपुर मार्ग पर गांव देहपा में चक्का जाम के लिए इकट्ठा हुए। यहां एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी और सीओ जितेंद्र सरगम पुलिस बल के साथ पहुंच गए। यहां भी पुलिस ने किसानों को चक्का जाम नहीं करने दिया। तब किसान आक्रोशित हो गए। पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले। किसान नेताओं ने अपनी मांगें रखीं। कहा कि समस्याओं का लेकर किसान परेशान हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। पुलिस ने करीब 60 किसानों को हिरासत में लिया। कुछ समय बाद किसानों को छोड़ा गया। इस दौरान चौधरी संजीव गांधी, दानिश, फहीम, मुन्ना, दिलशाद, असरफ, पिंटू, मोहित आदि रहे।

गन्ना मूल्य 450 घोषित करने समेत कई मांगें उठाईं
संभल। भाकियू असली की ओर से अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में गन्ना मूल्य 450 रुपये घोषित करने, गन्ना बकाया ब्याज सहित भुगतान कराने, इथेनाल, अल्कोहल, बिजली, बगास आदि के मुनाफे में गन्ना किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने, बिजली संशोधन बिल को वापस लेने, टयूबवेलों पर प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया रुकवाने, छुट्टा पशुओं से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग उठाई। मांगें पूरी नहीं होने पर 11 फरवरी को निर्णायक आंदोलन करने की चेतावनी दी

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