फार्म हाउस मामले की सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाने से इनकार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हैदराबाद। तेलंगाना में सत्तारुढ़ केसीआर सरकार को फार्म हाउस मामले में सोमवार को एक और झटका लगा क्योंकि उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा है। न्यायालय ने तेलंगाना सरकार और सत्तारूढ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक रोहित रेड्डी की अपीलों को खारिज कर दिया, जिसमें मामले को सीबीआई को नहीं सौंपने की मांग की गई थी।

ये भी पढे़ं-  कांग्रेस और कम्युनिस्ट इकट्ठा होकर फिर से त्रिपुरा को तबाह करने के लिए निकले हैं : अमित शाह

मुख्य न्यायाधीश उज्जवल भुइयां और न्यायमूर्ति एन तुकारामजी की पीठ ने कहा कि एकल पीठ का फैसले सही है और इसमें हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है। महाधिवक्ता (एजी) ने पीठ से आग्रह किया कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाने का विचार कर रही है इसलिए फैसले को 15 दिनों तक लागू नहीं किया जाना चाहिए लेकिन उच्च न्यायालय ने एजी के अनुरोध को खारिज कर दिया। 

अचमपेट विधायक गुव्वला बलाराजू, कोल्लापुर के विधायक बीराम हर्षवर्धन रेड्डी, पिनापका विधायक रेगा कांता राव और तंदूर के विधायक पायलट रोहित रेड्डी ने 26 अक्टूबर, 2022 को मोइनाबाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि उन्हें मोइनाबाद फार्महाउस में रुपयों का प्रलोभन दिया गया था। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और रामचंद्र भारती, सिम्हयाजी और नंदकुमार को गिरफ्तार किया। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। 

हालांकि आरोपियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया कि एसआईटी इस जांच को पारदर्शी रूप से नहीं कर रही है, इसलिए मामले को सीबीआई को सौंपा जाए। एकल पीठ ने 26 दिसंबर, 2022 को अपने आदेश में एसआईटी को रद्द कर दिया और मामले को सीबीआई को सौंप दिया। केसीआर सरकार ने एकल पीठ के आदेश को गत चार जनवरी, 2023 को उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने आज एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा और राज्य सरकार को लिखित दलीलें पेश करने के लिए कहा है।

ये भी पढे़ं- शेयर छुड़ाने के लिए 111.4 करोड़ डॉलर का समय से पहले होगा भुगतान, Adani Group ने जारी किया बयान

 

 

संबंधित समाचार