Hamirpur में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती बोलीं- मर जाएंगे लेकिन रामायण का अपमान नहीं सहेंगे
हमीरपुर के राठ में मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री उमाभारती पहुंचीं।
हमीरपुर के राठ में मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री उमाभारती पहुंचीं। स्वामी ब्रहमानंद महाराज की समाधि पर माथा टेकने के बाद नमन किया। उन्होंने कहा कि मर जाएंगे लेकिन रामायण का अपमान नहीं सहेंगे।
हमीरपुर, अमृत विचार। राठ में मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि मर जाएंगे, लेकिन रामायण का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा सपा का असली चरित्र सामने आ गया है। यह वही लोग हैं जिन्होंने कार सेवकों पर गोलियां चलवाईं थीं। सपा का राम विरोधी चरित्र स्पष्ट हो गया है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती ने स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय के प्रांगण में स्वामी ब्रह्मानंद के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देने के बाद कही।
उन्होंने रामचरित मानस को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि राम का नाम और रामायण उनके लिए वोट का आधार नहीं है, बल्कि निष्ठा और श्रद्धा की पहचान है। उन्होंने रामायण को अंर्तराष्ट्रीय ग्रंथ बताते हुए कहा कि भारत में ही नहीं अपितु अन्य दूसरे देशों में भी रामायण ग्रंथ पूजनीय है। रामायण उनकी आस्था का प्रतीक है। इसलिए उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग तो कारसेवकों के हत्यारे हैं और इन्होंने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। उमा भारती ने कहा कि यदि यह लोग चाहते तो पैर में भी गोली मार सकते थे। कहा कारसेवकों के हत्यारे तो राम और रामायण के पक्ष में कभी बोलेंगे ही नहीं। हम तो मरेंगे और मर जाएंगे, लेकिन रामायण और भगवान राम का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सोमवार को कस्बे के चित्रगुप्त इंटर कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम छात्र शंखनाद सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आई थी। सम्मेलन स्थल पर पहुंचने से पहले वह स्वामी ब्रह्मानंद महाराज के समाधि स्थल पर पहुंची और माथा टेक श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विधायक मनीषा अनुरागी के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, बीएनवी डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष डॉ.इंद्रपाल सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीनिवास बुधौलिया, चौधरी राजेंद्र सिंह लोधी, पंकज तिवारी, डॉ.दृगपाल सिंह समेत अनेक लोग रहे।
