KGMU: अब ए प्लस ग्रेड का हुआ केजीएमयू, नैक मूल्यांकन में रंग लाई कुलपति और डॉक्टरों की मेहनत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार लखनऊ: किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएयमू) अब ए ग्रेड से बढ़कर ए प्लस ग्रेड का हो गया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यांकन परिषद (नैक) टीम ने मूल्यांकन के बाद परिणाम की घोषणा कर दी है। मंगलवार को ए प्लस ग्रेडिंग की जानकारी जैसे ही विश्वविद्यालय के कुलपति को मिली वैसे ही पूरे परिसर में खुशी का माहौल हो गया। कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डा. विपिन पुरी  ने सभी सबसे पहले विश्वविद्यालय के टीचिंग और नॉन टीचिंग सहित पूरे स्टाफ को बधाई देते हुए कहा मेरे अकेले का प्रयास नहीं बल्कि सभी के सहयोग का नतीजा है जो आज विश्वविद्यालय ए ग्रेड से बढ़कर ए प्लस की श्रेणी में आ गया है। 

इस बार विश्वविद्यालय ने कड़ी मेहनत की
नैक मूल्यांकन से पहले विश्वविद्यालय की पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की है। इस बारे में विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह ने बताया कि कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डा. विपिन पुरी के नेतृत्व में पूरे स्टाफ सहयोग किया। डॉ सिंह ने कहा कि अब हमारा प्रयास होगा कि जो रैंक मिली है उसके मानक के अनुसार गुणवत्ता को बरकरार रखें और आगे और बेहतर प्रयास करेंगे। 

विश्वविद्यालय को 2017 में मिला था ए ग्रेड 
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय को नैक मूल्यांकन में वर्ष 2017 में केजीएमयू को ए ग्रेड हासिल हुआ था। इस लिहाज से संस्थान ने अपनी ग्रेडिंग में सुधार किया है। बतर दें कि केजीएमयू में 2 से 4 फरवरी के बीच नैक की टीम ने भ्रमण किया था। टीम ने इलाज, शिक्षण कार्य से लेकर पर्यावरण व दूसरी व्यवस्थाओं को परखा था। आठ सदस्यीय नैक टीम की अध्यक्षता अमृतसर के गुरुनानक देव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जसपाल सिंह संधू थे और कोऑर्डिनेटर डॉ. स्मृति नंदा समेत देश के अलग-अलग राज्यों के सदस्य शामिल थे। निरीक्षण के बाद मंगलवार को नैक की बैठक के बाद रिजल्ट घोषित कर दिया गया। 

एशिया में सबसे ज्यादा बेड वाला मेडिकल संस्थान है केजीएमयू
पूरे एशिया में सबसे ज्यादा 4500 बेड की क्षमता वाले इस संस्थान में 149 छोटे-बड़े भवन हैं। यहां 77 विभागों का संचालन हो रहा है। 500 शिक्षक, 800 रेजिडेंट डॉक्टर और लगभग 10 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। कई प्रकार के इलाज ऐसे हुए जिसमें मरीजों ने आस छोड़ दी थी। यहां के डॉक्टरों के प्रयास से कई मरीजों की जिंदगी भी बदली है। 

शोध के क्षेत्र में बेहतर अंक लाने का होगा प्रयास
नैक टीम केजीएमयू के शोध से असंतुष्ट रही। शोध के क्षेत्र में केजीएमयू को कम अंक दिए। केजीएमयू अधिकारियों के मुताबिक शोध के लिए नैक ने केजीएमयू को अपेक्षा से काफी कम अंक दिए हैं। केजीएमयू में गंभीर मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है। ज्यादातर जांचें केजीएमयू में ही हो रही हैं। यहां की पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी समेत दूसरे लैब अव्वल हैं। इसका लोहा नैक ने भी माना है। जांच का पैमाना और व्यवस्थाओं से नैक टीम ने पूरे अंक प्रदान किए हैं। अब शोध में बेहतर अंक लाने का प्रयास होगा।

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ये हमारे लिए बेहद खुशी का समय है जो विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड मिल सका है। इसके लिए हम टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ सहित सहित विश्वविद्यालय के एक-एक कर्मचारी को धन्यवाद देते हैं। अब हमारा प्रयास आगे चलकर ए डबल प्लस के लिए होगा। हमारी कोशिश होगी मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज के साथ-साथ मेडिकल की पढ़ाई की गुणवत्ता भी बरकरार रहे।  
(लेफ्टिनेंट जनरल डा. विपिन पुरी कुलपति केजीएमयू)

 

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