बांके बिहारी कारिडोर के विरोध में 30 दिन पूरे, नेता-अधिकारियों से मुलाकात... ज्ञापन सौंपना भी नहीं आया काम
मथुरा, अमृत विचार। कॉरिडोर विरोध को गुरुवार को पूरे 30 दिन हो गये। आंदोलनकारियों ने नित नये नये तरीके से विरोध करके सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का भरसक प्रयास किया। जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात तक की, लेकिन अभी तक उनको सफलता नहीं मिल सकी है।
गुरुवार को आनंद घाट वृंदावन पर शासन-प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार यमुना शुद्धिकरण वृंदावन के घाटों का सुंदरीकरण साफ सफाई आदि मूलभूत समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाकर दैत्यरूपी कॉरिडोर में लगाना चाहती है। अब हम सरकार से पिछले पांच साल में बिहारी जी और उसके आसपास के द्वारा कराए गए विकास का पाई पाई का हिसाब मांगेंगे। जो कि सरकार को देना पड़ेगा, पता तो चले कि सरकार ने हजारों करोड़ रुपैया कहां कहां और कैसे कैसे लगाया है।
अयोध्या से आये साधु-संतों ने श्री धाम वृंदावन में प्रस्तावित कॉरिडोर का विरोध किया और कहां की ऐसा करने से वृंदावन का स्वरूप खत्म हो जाएगा जिन कुंज गलियों से वृंदावन की पहचान है। उस का पौराणिक महत्व खत्म हो जाएगा। बाबा सरयू दास ने कहा कि अयोध्या में जो कॉरिडोर बनाया जा रहा है। उससे वहां की प्राचीनता और पौराणिक था नष्ट हो रही है। हमें यह कॉरिडोर रास नहीं आ रहा है। मंदिर को मंदिर ही रहने दिया जाए उसको कॉरिडोर ना बनाया जाए। आशीष गोस्वामी ने बताया कि यदि सरकार इस राक्षस रूपी कॉरिडोर को यहां लाती है तो सरकार पलट जाएगी ना योगी जी की सरकार रहेगी और ना मोदी जी की।
इस दौरान रुकमणी रमन गोस्वामी, नारायणी सेना प्रमुख श्रीरामानुजम, सोहनलाल मिश्रा, राजेश कृष्ण शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, गोविंद तिवारी, मनमोहन गोस्वामी, बबलू शर्मा, नूतन पुरोहित, गप्पी गोस्वामी, राजू शर्मा, मोनू शर्मा, नीरज गोस्वामी, सुंदर मोती वाला, प्रमोद सारस्वत, राहुल शुक्ला, सुमित मिश्रा, राजकुमार गोस्वामी एवं दीपक पाराशर आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- मथुरा: 3 मार्च रंगभरी एकादशी को बांके बिहारी खेलेंगे होली
