VIDEO: बागेश्वर धाम पहुंचे पूर्व सीएम कमलनाथ, बालाजी के दरबार में की पूजा अर्चना

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Edited By Amrit Vichar
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छतरपुर। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ सोमवार को बागेश्वर धाम सरकार के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैं हनुमान जी का पुजारी हूं इसीलिए दर्शन करने आया हूं। बीजेपी ने क्या धर्म का ठेका ले रखा है। हालांकि कमलनाथ हिंदू राष्ट्र के सवाल पर बिना जवाब दिए निकल गए।

उन्होंने कहा, मैंने छिंदवाड़ा में सबसे बड़ा 101 फुट से भी ऊंचा हनुमान मंदिर बनाया है। मैं हनुमान जी से यहां प्रार्थना करने आया था कि मध्य प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रहे। कमलनाथ ने बागेश्वर में बालाजी के दरबार में पूजा अर्चना की. उन्होंने हनुमान मंदिर में मंगल कामना भी की। बताया जा रहा है कि कमलनाथ बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात भी करेंगे।

मध्य प्रदेश के इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में कमलनाथ का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कमलनाथ बीजेपी को उसी के राजनीतिक हथियार से मात देने का तानाबाना बुन रहे हैं। वे लगातार हिंदुत्व के पिच पर उतरकर बैटिंग कर रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों जबलपुर के ग्वारीघाट पर मां नर्मदा का पूजन किया था। वे एमपी में पुजारियों के मानदेय को लेकर भी बीजेपी को घेर रहे हैं।

13 से 19 फरवरी तक बागेश्वर धाम में बड़ा आयोजन
पिछले दिन हुए विवाद के बाद से धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ी है. धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों सनातन का चेहरा बनते जा रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने 13 से 19 फरवरी तक बागेश्वर धाम में धार्मिक आयोजन कर रहे हैं, जिसमें देश के मशहूर और प्रसिद्ध कथावचक शिरकत करेंगे। इस तरह से देशभर के 21 कथावचक-भजन गायकों को एक जगह पर इकट्ठा करेंगे। शिवरात्रि के मौके पर एक बड़ा मेला भी लग रहा है। माना जा रहा है कि इसमें सत्ताधारी पार्टी के कई नेता धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। ऐसे में कांग्रेस कैसे पीछे रहने वाली है।

उमा भारती ने धीरेंद्र को बताया था अपने बेटे जैसा
इससे पहले बीजेपी नेता उमा भारती ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अपना समर्थन दिया था और कहा था कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को वह अपने बेटे के समान मानती हैं। उन्होंने लिखा- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) को मैं पुत्रवत मानती हूं। उनका आदर करती हूं एवं वह हमारे क्षेत्र के गौरव हैं। 

उमा भारती ने कहा कि अपने सहयोगियों से पूछने पर मुझे पता चला कि पिछले साल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम की कथा पीछे के मैदान में हुई थी। उस दौरान कुटियां वहीं बनी थी। धीरेंद्र शास्त्री एक तपस्वी और अलौकिक हैं। अधिक से अधिक संख्या में लोग जाकर उनके दर्शन करें। यह मैंने हमेशा कहा है और अब तो और जोर से यह बात कहूंगी।

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