बरेली: होली नजदीक आते ही सक्रिय हुए जहरखुरानी गिरोह, यात्रियों को अपने जाल में फंसाकर बनाते हैं अपना शिकार
बरेली,अमृत विचार। त्योहारी सीजन शुरू होते ही जहरखुरानी गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। यह गिरोह यात्रियों के साथ मित्रता बढ़ाने के बाद उन्हें अपने जाल में फंसा कर अपना शिकार बना लेते हैं। होली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में बाहर काम करने वाले लोग होली का पर्व मनाने के लिए अपने घरों की तरफ निकल पढ़ते हैं। ऐसे लोगों को ही यह जहरखुरानी गिरोह अपना शिकार बना कर उनसे रुपये, कपड़े और सारा सामान लूट लेते हैं, और उन्हें बेहोशी की हालत में छोड़ जाते हैं। कई बार तो नशे की मात्रा ज्यादा होने से जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुए व्यक्ति की मौत तक हो जाती है।
जीआरपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले माह से प्लेटफार्म पर आधा दर्जन से अधिक जहरखुरानी गिरोह के शिकार यात्री बेहोशी की हालत में मिल चुके हैं। जिन्हें पुलिस द्वारा जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पिछले माह से दिल्ली दिशा से आने वाली ट्रेनों में दूसरे-तीसरे दिन कोई ना कोई यात्री जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुआ मिलता है, जो अचेत अवस्था में होता है, उसका सारा सामान नकदी मोबाइल सब गायब मिलता है। ऐसे यात्रियों को जीआरपी उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उनके परिजनों को सूचना देती है। गिरोह के सदस्य चाय-बिस्किट या फिर खाने पीने के सामान में निशाने पर आए मुसाफिर को नशीला पदार्थ देकर लूट लेते हैं।
जहरखुरानी गिरोह अपने शिकार की तलाश में बस अड्डों और रेलवे स्टेशन के आसपास मंडराने लगता है। टेंपों और ई-रिक्शा चालकों से भी उनकी सेटिंग रहती है। गिरोह के सदस्य खाने पीने के सामान में नशीला पदार्थ मिलाकर रखते हैं। अपने शिकार से दोस्ती करने का नाटक करते हैं। दिल्ली से आने वाली पदमावत एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, सुहैलदेव एक्सप्रेस में अनुराग मिश्र, रामेश्वर दयाल, हिमाशु कुमार, हेमंत भारद्वाज सहित कई यात्रियों को अपना शिकार बना चुके हैं। यात्रियों की सूचना पर इन्हें पुलिस उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उनके पास मिले आधारकार्ड या कागजात के आधार पर उनके परिजनों को सूचना पर परिजन उन्हें उपचार के लिए अपने साथ ले जाते हैं।
कई बार नशे की ज्यादा मात्रा देने से हो चुकी है जहरखुरानी के शिकार की मौत
जिले में जहरखुरानी की घटनाएं आम हो गई हैं। आए दिन जंक्शन, सैटेलाइट बस अड्डा, पुराने रोडवेज से अक्सर जहरखुरानी के शिकार जिला अस्पताल में भर्ती होने आते रहते हैं। कई बार नशे की ज्यादा मात्रा होने से जहरखुरानी के शिकार की मौत तक हो चुकी है।
परिवार के साथ चलते हैं जहरखुरानी गिरोह
जहरखुरानी गिरोह के सदस्य बहुत ही चालक होते हैं। वह अपने परिवार के साथ चलते हैं। जिससे यात्रा करने वाले को जरा भी एहसास ही नहीं होता की यह लोग जहरखुरानी गिरोह के सदस्य हैं। इसलिए वह उनके जाल में फंस जाता है। जहरखुरानी गिरोह यात्री को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके बेहोश होने पर उसका मोबाइल, रुपया और सारा सामान लूट लेते हैं और घटना को अंजाम देने के बाद रफूचक्कर हो जाते हैं।
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