Kanpur Dehat : Deputy CM Brajesh Pathak के आश्वासन पर उठे मां-बेटी के शव, DM के डांस को लोग घटना से जोड़ कर रहे कमेंट
कानपुर देहात में 26 घंटे बाद मां-बेटी के अधजले शव उठे।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में मां-बेटी की जलकर मौत हो गई थी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आश्वासन के बाद 26 घंटे बाद-मां बेटी के अधजले शव उठे। उधर, कानपुर देहात महोत्सव में डीएम के डांस के एक वीडियो को घटना से जोड़ कर तरह-तरह के कमेंट कर रहे।
कानपुर देहात, अमृत विचार। मड़ौली गांव में अवैध अतिक्रमण हटवाने के दौरान राजस्व व पुलिस टीम के सामने झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत के मामले में पूरी रात हंगामा चला। परिजनों ने विभिन्न मांगों को पूरा करने, मुख्यमंत्री को मौके पर आने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मंगलवार शाम तक शव नहीं उठने दिया। बाद में मोबाइल से वीडियो काॅल पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से वार्ता के बाद परिजन शांत हुए और 26 घंटे बाद मां-बेटी के अधजले शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जा सके।
रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव निवासी कुछ लोगों ने सोमवार को गांव के कृष्ण गोपाल दीक्षित पर सरकारी जमीन में अवैध कब्जा करने व मंदिर बनवाने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। मामले में डीएम ने एडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दोपहर करीब दो बजे एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक कुमार, रूरा थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम पुलिस बल के साथ जेसीबी से अवैध अतिक्रमण हटवाने मड़ौली गांव पहुंचे।

जिस पर कब्जेदार कृष्णगोपाल, उसकी पत्नी व अन्य परिजनों से झड़प हो गई। इसी दौरान संदिग्ध हालात में झोपड़ी में आग लग गई। जिससे प्रमिला देवी (55) व उनकी बेटी नेहा दीक्षित (23) की जिंदा जलकर झोपड़ी में ही मौत हो गई। वहीं पास बंधी 22 बकरियों की भी जलकर मौत हो गई। बचाने में रूरा एसओ झुलस गए थे। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने राजस्व व पुलिस कर्मियों को खदेड़ दिया था।
मृतका के पिता व पुत्र ने विपक्षियों समेत तहसील अधिकारियों, लेखपाल व पुलिस कर्मियों पर झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया था। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बनने पर एडीजी आलोक सिंह, मंडलायुक्त राजशेखर, आईजी कानपुर प्रशांत कुमार, एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एएसपी घनश्याम चैरसिया मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को समझाया था, लेकिन परिजन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर अड़े रहे। देर रात तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज होने पर परिजनों ने मृतका के दोनों बेटों के नाम जमीन, सरकारी नौकरी, मुआवजा समेत मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री के मौके पर आने की मांग कर शव नहीं उठने दिया।
अफसर पूरी रात समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन मांग पूरी न होने के चलते शाम तक रखा रहा। बाद में मंडलायुक्त ने मोबाइल पर वीडियो काॅल के जरिये मृतक प्रमिला के बेटे शिवम की बात उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से कराई। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद व आरोपियों के कार्रवाई सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन शांत हुए और शाम करीब चार बजे मां-बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सके। जिसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
पीड़ित परिवार की कुछ मांगे शासन स्तर की होने के कारण वीडियो काॅल के जरिये उप मुख्यमंत्री से कराई गई है। उन्होंने परिवार की बात को विस्तृत रूप में सुनकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। जिसपर परिजन संतुष्ट हो गए हैं। वहीं मैथा एसडीएम व लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अन्य कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। गांव में ऐहतियातन पुलिस व पीएसी को तैनात किया गया है।- राजशेखर मंडलायुक्त कानपुर
मृतक के परिजनों की तहरीर पर कई नामजद व अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगा दी गई है। साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जा रही है।- आलोक सिंह (एडीजी कानपुर जोन)
सोशल मीडिया पर लोगों ने बयां किया आक्रोश
मडौली गांव में अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व व पुलिस टीम के सामने झोपड़ी में मां बेटी की आग में जलकर मौत पर लोगों में काफी उबाल रहा। जिसपर लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त की। लोगों ने डीएम नेहा जैन का कानपुर देहात महोत्सव में आने सेलीब्रेटियों के साथ डांस करते हुए वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि कानपुर देहात प्रशासन अब तो होश में आओ। दूसरे यूजर ने ट्वीटर, फेसबुक पर लिखा कि बुलडोजर दिशाहीन और हत्यारा है। इसी तरह लोग अन्य तरह के कमेंट कर अपना आक्रोश व्यक्त करते रहे।
मृतका के दोनों बेटों को दिए गए गनर
पीड़ित परिवार ने मंडलायुक्त व एडीजी से जान की खतरा बता सुरक्षा की मांग की थी। जिसे अधिकारियों ने मान लिया। मंडलायुक्त ने बताया कि मृतक प्रमिला दीक्षित के बेटे शिवम दीक्षित व अंशू उर्फ छोटू को एक-एक गनर सुरक्षा के बावत दिया गया है।
पीड़ित परिवार को मिलेगा जमीन का पट्टा और आवास
मंडलायुक्त ने बताया कि पीड़ित परिवार के भूमिहीन होने के कारण उन्हें जमीन का पट्टा दिया जाएगा। वहीं घर न होने के कारण उनसे आवास के लिए आवेदन लिए जाएंगे। जिसकी कार्रवाई जल्द पूरी कराकर पीड़ित परिवार को अपना आवास दिलाया जाएगा।
घटना की खुद मॉनीटरिंग करते रहे मुख्यमंत्री
मड़ौली गांव में अतिक्रमण हटवाने के दौरान राजस्व व पुलिस टीम के सामने मां-बेटी की झोपड़ी में जिंदा जलकर मौत के बाद मामला तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद घटना की माॅनीटरिंग करते रहे। मंडलायुक्त राजशेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरे प्रकरण में नजर बनाए रखे हैं।
तीन डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी में पोस्टमार्टम
मड़ौली में आग से जिंदा जलकर मृत मां-बेटी के शव मंगलवार की शाम अकबरपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। दोनों शवों का पोस्टमार्टम तीन डाॅक्टरों के पैनल ने किया। जिसमे एक महिला डाॅक्टर को भी शामिल किया गया था। इस दौरान पीएम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
डीएम व एडीएम पर सुनवाई न करने का आरोप
मां-बेटी के झोपड़ी में जिंदा जलने के मामले में बेटे शिवम दीक्षित ने तहरीर में जिला प्रशासन के बड़े अफसरों पर सुनवाई करने के बजाय उल्टा मुकदमा लिखवा कर भगाने का आरोप लगाया है। शिवम ने एसपी को बताया कि पूर्व में उसका कब्जा ढहाने पर जब वह डीएम व एडीएम प्रशासन से मिलने गया तो उसकी सुनवाई नहीं की गई। बल्कि माता-पिता, बहन व पत्नी के खिलाफ उल्टे ही बलवा का मुकदमा दर्ज कराते हुए जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया गया। सोमवार को एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद के कहने पर लेखपाल अशोक सिंह ने फूस की झोपड़ी में आग लगा दी। जिससे मां व बहन की जलकर मौत हो गई। वह किसी तरह बाहर निकला तो रूरा एसओ दिनेश गौतम व अन्य पुलिस कर्मियों ने उसे पीटते हुए आग में फेंकने की कोशिश की।
छावनी में तब्दील रहा मड़ौली गांव
सोमवार को अतिक्रमण हटवाने के दौरान राजस्व व पुलिस टीम के सामने मां-बेटी की झोपड़ी में जलकर मौत के बाद मड़ौली गांव दूसरे दिन भी छावनी में तब्दील रहा। तनाव की स्थिति को देखते हुए एडीजी, मंडलायुक्त, आईजी, एसपी, एएसपी डेरा जमाए रहे। वहीं शिवली, राजपुर, बरौर, रनियां, भोगनीपुर, सिकंदरा समेत पीएसी व पुलिस लाइन से आया भारी भरकम फोर्स तैनात रहा।
घरों से फरार हुए आरोपी, बची महिलाएं
मां-बेटी की मौत के बाद एसडीएम मैथा समेत मड़ौली निवासी सगे भाई अशोक दीक्षित व अनिल दीक्षित, यहीं के निर्मल दीक्षित, विशाल समेत आठ नामजद व 31 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसके बाद गांव निवासी चारो आरोपी मौके से फरार हैं। घरों में केवल महिलाएं ही बची हैं। फिलहाल पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर साधा निशाना
मां-बेटी की मौत को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार के बुलडोजर पर अमानवीयता का चश्मा लगा है, जो इंसानियत व संवेदनशीलता के लिए खतरा बन चुका है। कानपुर देहात की इस हृदयविदारक घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। हम सबको इस अमानवीयता के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
