रामपुर के बाशिंदें वर्ष 2019 से झेल रहे चुनाव दर चुनाव, अब स्वार-टांडा को रहें तैयार

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Edited By Amrit Vichar
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आजम खां के लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद शुरू हुआ उप चुनाव होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले

रामपुर, अमृत विचार। रामपुर के बाशिंदे वर्ष 2019 से चुनाव दर चुनाव झेल रहे हैं। पूर्व मंत्री आजम खां द्वारा सांसद सीट से इस्तीफा देने के बाद से चुनावों का सिलसिला शुरू हो गया। रामपुर में पांच वर्ष के भीतर लोकसभा और विधानसभा उप चुनाव हो चुके हैं। स्वार-टांडा के लोगों को एक बार फिर विधानसभा चुनाव झेलना पड़ सकता है।

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 बार-बार चुनाव होने से लोग ऊबने लगे हैं और एक चुनाव पर औसतन 16 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा आचार संहिता लगने से जिले का विकास ठप हो जाता है। वर्ष 2022 में रामपुर में दो उप चुनाव हो चुके हैं, यह सिलसिला वर्ष 2019 से चल रहा है और फिलहाल थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

वर्ष 2019 में पूर्व मंत्री आजम खां ने विधायक रहते हुए रामपुर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था और भाजपा की प्रत्याशी फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को करारी शिकस्त दी थी। फिल्म अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा को चुनाव हराने के बाद आजम खां ने विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद उन्होंने शहर विधानसभा सीट से अपनी पत्नी डा. तजीन फातिमा को चुनाव मैदान में उतारा और डा. तजीन ने भाजपा प्रत्याशी भारत भूषण गुप्ता को शिकस्त देकर लखनऊ की राह पकड़ ली। वर्ष 2022 में आजम खां ने सांसद रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना को शिकस्त दी।

इसके बाद आजम खां ने लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया और आजम के इस्तीफे के बाद मई 2022 में लोकसभा उप चुनाव हुआ। जिसमें आजम खां ने सपा का टिकट शहराध्यक्ष आसिम राजा को दिया। सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए घनश्याम सिंह लोधी ने आसिम राजा को पटखनी दे दी और लोकसभा उप चुनाव जीतकर संसद पहुंच गए। 

भड़काऊ भाषण मामले में 28 अक्टूबर को रद्द हुई आजम की विधायकी 
पूर्व मंत्री आजम खां की भड़काऊ भाषण मामले में 28 अक्टूबर 2022 को विधायकी चली गई। इसके बाद रामपुर विधानसभा सीट पर दिसंबर माह में उप चुनाव हुआ। एक बार फिर आजम खां ने सपा शहराध्यक्ष आसिम राजा को विधायकी का टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया।

जबकि, भाजपा ने एक बार फिर आकाश सक्सेना पर दांव लगाया और उन्होंने चुनाव जीत लिया। 13 फरवरी 2023 को एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा छजलैट प्रकरण में स्वार-टांडा विधायक अब्दुल्ला आजम को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधायकी पर संकट गहरा गया है।

वर्ष 2022 में हुए एक लोकसभा और दो विधानसभा उप चुनाव 
रामपुर में वर्ष 2022 में एक लोकसभा और दो विधानसभा उप चुनाव हो चुके हैं। बार-बार चुनाव होने से अधिकारी और जनता भी ऊब चुके हैं। सांसद घनश्याम सिंह लोधी कहते हैं कि रामपुर में पता नहीं कितने चुनाव होने हैं अब स्वार-टांडा विधानसभा उप चुनाव हो सकता है इसके बाद निकाय चुनाव और उसके बाद 2024 का लोकसभा चुनाव होना है।

लोगों की माने तो चमरौआ में भी विधानसभा उप चुनाव हो सकता है। क्योंकि यहां से सपा विधायक नसीर खां पर 25 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिसमें कई निर्णय के करीब हैं, अगर किसी मामले में दो साल की सजा हुई तो फिर उनकी विधायकी पर संकट पैदा हो सकता है। लिहाजा कुछ कह नहीं सकते बस इंतजार करते रहिए।

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