बहराइच: 12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में शामिल होने के लिए बहराइच के वेद मित्र शुक्ल फिजी रवाना

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वैश्विक स्तर पर हिन्दी का मान बढ़ाने में विश्व हिन्दी सम्मेलनों ने बड़ा योगदान: वेद मित्र

बहराइच, अमृत विचार। फ़िजी देश में आयोजित हो रहे 15 फरवरी से 17 फरवरी तक 12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में बहराइच से डॉ वेद मित्र शुक्ल भारत सरकार के विशिष्ट प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग करेंगें। प्रत्येक चार वर्ष पर आयोजित होने वाला विश्व हिन्दी सम्मेलन इस बार विदेश मंत्रालय भारत सरकार और फिजी सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हो रहा है। इस दौरान भारत सहित विदेश के महत्वपूर्ण हिन्दी विद्वानों व साहित्यकारों के साथ बहराइच की चेतना के प्रतिनिधि साहित्यकार डॉ वेद मित्र शुक्ल भी अपने विचार सम्मेलन में साझा करेंगे।

दूरभाष पर बातचीत के दौरान वेदमित्र ने हिन्दी को माँ की उपाधि देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर हिन्दी का मान बढ़ाने में विश्व हिन्दी सम्मेलनों ने बड़ा योगदान किया है। 12वें विश्व सम्मेलन में भारत सरकार के प्रतिनिधि रूप में सम्मिलित्त होना प्रीतिकर होने के साथ-साथ गर्व का विषय है। हिन्दी के सतत संवर्धन के लिए यों ही बड़े स्तर पर कार्य जारी रहना चाहिए। 

ज्ञात हो कि श्री वेद मित्र सम्प्रति दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग, राजधानी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। हिन्दी अवधी, संस्कृत और अंग्रेजी के भाषा एवं साहित्य में रूचि, अध्ययन-अध्यापन आदि के साथ विशेष रूप से हिन्दी को समर्पित श्री शुक्ल की अब तक विभिन्न विधाओं में 12 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्यिक संघ, वाराणसी, हिन्दी अकादमी, दिल्ली, विद्या भारती, कुरुक्षेत्र आदि संस्थाओं से सम्मानित हो चुके हैं।

12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित होने पर वरिष्ठ कवि राधाकृष्ण ‘पथिक’, हिन्दी प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी, एफएम रेडियो के निदेशक एलपी मिश्र, नजर बहराइची, डॉ मुबारक बहराइची, दुर्गेश “बदनाम” सहित साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े विद्वानों ने हर्ष जताया है।

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