कानपुर देहात अग्निकांड में जान गंवाने वाली मां-बेटी का हुआ अंतिम संस्कार, मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
कानपुर देहात। कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश) में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान झोपड़ी में आग लगने के चलते जान गंवाने वाली मां-बेटी का बिठूर में बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार के बड़े बेटे ने अपनी मां और बहन को मुखाग्नि दी। इस दौरान पुलिस ने घर से लेकर घाट तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे।
इससे पहले, पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति ने दोनों शवों को सहारा देकर ऐम्बुलेंस में रखवाया था। कानपुर देहात के अंतर्गत एक गांव में कथित तौर पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान झोपड़ी में आग लगने से एक महिला और उसकी बेटी की जलकर मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, कानपुर देहात की घटना दुखद है। मामले में जांच चल रही है। गिरफ़्तारियां भी शुरू हो गई हैं। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कानपुर देहात के ग्राम मड़ोली की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि इस घटना के लिए मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार भी दोषी है। सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में तिवारी ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर चलाया जाना और मां-बेटी की जलकर मौत हो जाना एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना है जिसके लिए उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
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