बरेली: हाईस्कूल का पेपर देकर लौट रहे छात्रों की बाइक को बस ने मारी टक्कर, एक की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली अमृत विचार। हाईस्कूल का पेपर देकर लौट रहे बाइक सवार छात्रों को बस ने टक्कर मार दी। बाइक पर सवार तीनों छात्र गम्भीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान एक छात्र की मौत हो गई। जबकि दो घायल छात्र अस्पताल में जिंदगी मौत की जंग लड़ रहे हैं। जब परिजन में गांव वालों को छात्र की मौत की सूचना मिली तो उन्होंने रोड पर जाम लगा दिया। काफी देर तक पुलिस के समझाने पर जाम को हटवाया गया। छात्र की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पहचान भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना शेरगढ़ के गांव पनवड़िया निवासी अनोखेलाल का 29 वर्षीय बेटा चंद्रपाल हाईस्कूल का छात्र था। आज वह अपने साथियों के साथ गाँव अम्बरपुर निवासी पुष्पेंद्र व तफ़्सीर के साथ बाइक से पेपर देकर लौट रहा था।करीब 12.30 बजे के समय जैसे ही वह लोग पनवड़िया अम्बरपुर पुलिया के पास ब्रह्मदेव के पास पहुंचे उन्हें शाही-शेरगढ़ मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी। जिससे तीनों गम्भीर रूप से घायल हो गए।

वहीं मौजूद लोगों ने बस रोक ली और बस चालक की सभी ने जमकर पिटाई लगा दी। घटना की सूचना पर पहुचीं पुलिस ने चालक व बस को कब्जे में लेकर घायल छात्रों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने चन्द्रपाल को मृत घोषित कर दिया।FpE-UsgaMAEODy9

परिजनों ने लगाया जाम
जैसे ही परिजनों को पता चला कि चंद्रपाल की हादसे में मौत हो गई है। सभी लोग गांव वालों के साथ एकत्र होकर रोड पर पहुंच गए औऱ रोड पर जाम लगा दिया। काफी देर तक जाम लगा रहा। इस दौरान शेरगढ़ इंस्पेक्टर राजकुमार मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझा कर जाम खुलवाया। काफी देर तक हंगामे का माहौल बना रहा।

पहला पेपर हुआ आखिरी साबित
चंद्रपाल आज अपने साथियों के साथ बहुत ही खुशी-खुशी पेपर देने गया था। बताया जा रहा है कि आज उसका हिंदी का पहला पेपर था। पेपर बहुत ही अच्छा आया था। तीनो बहुत ही खुश थे। लेकिन रास्ते मे आते समय हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चंद्रपाल का पहला पेपर उसका आखिरी पेपर साबित हुआ। उसके साथी गंभीर रूप से घायल हैं। वह भी अब कुछ पेपर नहीं दे पाएंगे। चंद्रपाल के पिताअनोखेलाल मजदूरी करते थे। उन्हें बेटे से काफी उम्मीदें थी कि वह पड़ लिखकर कोई अच्छा काम कर परिवार की माली हालत को सुधारेगा लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

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