रामपुर : पांच बदमाशों को डकैती में 10-10 साल की सजा, जुर्माना भी लगाया
रामपुर सिविल लाइंस भट्टा कारोबारी के घर बीस साल पहले हुई थी डकैती , एडीजे द्वितीय की कोर्ट ने सभी पर 50-50 हजार का जुर्माना भी ठोंका गया
रामपुर, अमृत विचार। सिविल लाइंस के भट्टा कारोबारी के घर डकैती डालने के पांच बदमाशों को एडीजे दि्तीय अमित वीर ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर पचास-पचास हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के फ्रेंडस कालोनी निवासी रमेश चंद्र अग्रवाल पेशे से भट्टा कारोबारी हैं। रोजाना की तरह वह 16 मई 2003 को करीब छह बजे अपने घर आए थे। गेट पर खड़े रहने के बाद जब कोई बाहर नहीं आया, तो वह अंदर चले गए थे। जहां घर में प्रवेश करते हुए एक युवक वहां पर बैठा हुआ था। पूछने पर उसने बताया था कि वह ईंट लेने आया है, नकद तीस हजार रुपये देने की बात हुई थी। जिसके बाद कारोबारी ने जब उससे पैसे मांगे, तो कमरे में चलकर देने के बात कहते उनको बदमाश अंदर ले गया। जहां तमंचा कनपटी पर रखकर बदमाश उनके घर से एक लाईसेंसी रिवाल्वर, नौ लाख रुपये नकद और करीब पांच लाख का जेवर लूटकर फरार हो गए थे।
बदमाशों के जाने बाद जब उन्होने अंदर जाकर देखा, तो उनकी पत्नी,बेटा,नौकर,चौकीदार,नौकरानी और उसकी बेटी के हाथ पैर बंधे हुए थे। मुंह पर टेप लगा हुआ था। यह देखकर उनके होश उड़ गए थे। उसके बाद सभी को छुड़वाया गया। बाद में सूचना मिलने के बाद पुलिस आ गई थी।
उन्होंने बताया था कि वह आरोपियों के सामने आने पर उनको पहचान लेगे। इस मामले में पुलिस ने विवेचना करते हुए पुलिस ने कटकुईया के रहने वाले इमरान पुत्र अमजद खान निवासी फैज कालोनी थाना गंज, शाहिद उर्फ सद्दू पुत्र साबिर मियां निवासी मोहल्ला कटकुईया थाना कोतवाली,नवेद महमूद पुत्र महमूद अली निवासी लाल मस्जिद थाना कोतवाली,शहनवाज उर्फ पप्पू पुत्र हामिद शाह निवासी मोहल्ला कटकुईया थाना कोतवाली,-फिरोज पुत्र जीशान शाह निवासी मोहल्ला कटकुईया थाना को नामजद करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एडीजे दि्तीय अमित वीर की कोर्ट में चल रही थी। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्या ने बताया कि पांच आरोपियों को दस-दस साल की सजा और प्रत्येक पर पचास-पचास हजार जुर्माना डाला गया है।
सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्या ने बताया कि इस डकैती में पुलिस ने छह लोगों को आरोपी बनाया था। जिसमे सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी,लेकिन सुनवाई के दौरान एक आरोपी जीशान की मौत हो गई। पीड़ित ने विरोध के दौरान एक बदमाश की उगली में काट भी लिया था।
दस गवाहों के कराए गए बयान
डकैती का मुकदमा करीब साल तक चला। जिसके बाद आखिकार शुक्रवार को पांच आरोपियों को सजा सुनाई गई। इस दौरान मुकदमें में करीब दस गवाहों के बयान दर्ज कराए थे। करीब बीस साल तक यह मुकदमा चला। जहां शनिवार को इस कांड में आरोपियों को सजा सुनाई गई। डकैती को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने कई घंटे तक उत्पात मचाया था।
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