बरेली में जातीय समीकरण साधने में लगी बसपा
बरेली,अमृत विचार। पंचायत चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मिशन 2022 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी बसपा सोशल इंजीनियरिंग फार्मूला पर दांव लगाने की तैयारी में है। इस बार भी पार्टी ब्राह्मणों के साथ मुस्लिम और पिछड़े वर्ग के लोगों को संगठन में शामिल करके जातीय …
बरेली,अमृत विचार। पंचायत चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मिशन 2022 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी बसपा सोशल इंजीनियरिंग फार्मूला पर दांव लगाने की तैयारी में है। इस बार भी पार्टी ब्राह्मणों के साथ मुस्लिम और पिछड़े वर्ग के लोगों को संगठन में शामिल करके जातीय समीकरण साध रही है। इसकी झलक बीते दिनों घोषित की गई बसपा की जिला कार्यकारिणी में नजर आई। जिला कार्यकारिणी में जहां जिलाध्यक्ष पद पर डॉ. जयपाल सिंह को पदभार सौंपा। वहीं, जिला उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर को बनाया। जिला महासचिव नवीन कश्यप, जिला संगठन सचिव अंटू गंगवार और जिला कोषाध्यक्ष ब्रह्मानंद शर्मा को बनाया गया है।
बसपा के जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह का कहना है कि बसपा ने सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाकर विधानसभा चुनाव 2007 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी, तब बरेली जिले में चार सीटों पर बसपा के प्रत्याशी जीते थे। अब फिर से पार्टी उसी तरह वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि यह भी कहा कि जहां जिसकी जितनी भागेदारी, उसकी वैसी हिस्सेदारी के आधार पर संगठन के पदाधिकारियों का गठन किया जाएगा। बरेली में जल्द ही विधानसभा स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा की जाएगी। डॉ. जयपाल ने कहा कि बसपा में ब्राह्मणों का मान और सम्मान दोनों ही सुरक्षित है।
