फर्रुखाबाद : महिला के शरीर से चार दिन में चोट गायब, डॉक्टर तलब

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर को कोर्ट में पेश करने का सीएमएस को दिया आदेश 

अमृत विचार, फर्रुखाबाद । घर में घुस कर रुपये व वर्तन लूटने और मारपीट करने से आए चोट के निशान महिला के शरीर से मेडिकल होने के चार दिन बाद गायब हो गए। अर्जी पर सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट में दिखाये गए चोट के निशान महिला के शरीर पर नहीं दिखाई दिए।

मेडिकल रिपोर्ट में फर्जी चोट के निशान बनाने वाले डॉक्टर फंस गए हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में प्रकीर्ण दाण्डिक कार्यवाई पंजीकृत की गई। डॉक्टर को कोर्ट में 22 फरवरी को तलब किया गया है। महिला का दोबारा से चिकित्सीय परीक्षण पैनल से कराने का आदेश न्यायाधीश ने सीएमओ को दिया है। 

कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला नट निवासी शुकुंतला देवी ने गांव के रहने वाले भगवानदास उर्फ भगन्ने लाल, शिवपाल, बृजेश, शिवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए विशेष अदालत एंटी डकैती कोर्ट में अर्जी दायर की। इसमें कहा कि आरोपी उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी कारण 14 फरवरी को रात आठ बजे आरोपी घर में घुस आए। मारपीट कर घर में रखे 30 हजार रुपये व वर्तन लूट ले गए।  मारपीट से वह चोटिल हो गई।

पीड़िता ने 16 फरवरी को डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया। सोमवार को कोर्ट  में अर्जी पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट देखी। इसमें दाहिने हाथ की कोहनी के पास दो चोट काले रंग की दिखाई गई। कोर्ट में महिला से चोट दिखाने को कहा गया। महिला ने हाथ दिखाया तो उसके हाथ में कोहनी के पास कोई काले रंग के निशान नहीं दिखाई दिए। गर्दन के पास चोट के निशान भी समाप्त होने की महिला ने जानकारी दी।

न्यायाधीश के कहने पर लिपिक आदर्श शुक्ला ने चोट अंकित वाले स्थान की फोटो खींची और कंप्यूटर अनुभाग में सुरक्षित रखवा दी। मेडिकल परीक्षण में फर्जी चोट दिखाए जाने में न्यायाधीश ने चिकित्सीय परीक्षण करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कोर्ट में प्रकीर्ण दांडिक कार्यवाई पंजीकृत तलब किया है। जिन चिकित्साशास्त्र की पुस्तकों के आधार पर चिकित्सीय परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है, उन पुस्तकों के साथ 22 फरवरी को परीक्षण करने वाले डॉक्टर को कोर्ट में पेश करने का आदेश सीएमएस को दिया है। महिला शकुंतला देवी का कम से कम तीन डॉक्टर के पैनल से दोबारा चोटों का परीक्षण 22 फरवरी को कराने और उनके रंगीन फोटोग्राफ के साथ चोटों के वास्तव में विद्यमान होने अथवा न होने की स्थिति की रिपोर्ट देने का आदेश परीक्षण के 24 घंटे में कोर्ट में दाखिल करने का आदेश सीएमओ को दिया है। कायमगंज कोतवाल को  पैनल के सामने महिला को सुरक्षित पेश करने का आदेश दिया है।

यह भी पढ़ें : फर्रुखाबाद : नाबलिग से रेप के आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख का जुर्माना, पीड़िता को आठ माह में मिल गया न्याय

संबंधित समाचार