महाराजगंज से कानपुर कोर्ट में पेशी के दौरान SP MLA Irfan Solanki अलग अंदाज में आए नजर, देखें- तस्वीरें
सपा विधायक इरफान सोलंकी को कानपुर कोर्ट में किया गया पेश।
जाजमऊ आगजनी के मामले में शुक्रवार को महाराजगंज जेल से कानपुर कोर्ट में सपा विधायक इरफान सोलंकी को पेश किया गया। इस दौरान इरफान सोलंकी कोर्ट में मुस्कुराते हुए नजर आए। कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील किया गया।
कानपुर, अमृत विचार। शुक्रवार को सीसामऊ से सपा विधायक इरफान सोलंकी को कड़ी सरक्षा के बीच में एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। जज के छुट्टी पर होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब उनकी सुनवाई 4 मार्च को होगी। कोर्ट के अंदर जाते और बाहर निकलते इरफान सोलंकी काफी खुश नजर आए। उन्होंने वहां मौजूद समर्थकों के अभिवादन का जवाब भी दिया।
साथ ही जब उनसे मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछा, तो उन्होंने शायरी कही कि फानूस बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे, वो शमा क्या बुझे जिसे रोशन खुदा करे। विधायक पर महिला के प्लाट पर आग लगाने के मामले में आरोप तय होने थे।
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विधायक इरफान सोलंकी को सुबह 11.30 बजे के आसपास महराजगंज जेल से कानपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट लाया गया। यहां से उन्हें अगली तारीख 4 मार्च मिली। इसके बाद उन्हें एक दूसरे मामले में पेशी के लिए एसीएमएम तृतीय की कोर्ट लाया गया। यहां उन्हें फर्जी आधार कार्ड मामले में पेश किया गया। इस मामले में आरोपी अम्मार इलाही की ओर से आरोप मुक्त किए जाने का प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसके चलते कोर्ट ने सुनवाई के लिए 4 मार्च की तारीख तय कर दी है।
इस मामले में रिजवान सोलंकी और मोहम्मद शरीफ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराई गई। इरफान के अधिवक्ता गौरव दीक्षित और प्राची श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड मामले में आरोप तय होने थे। मगर, प्रार्थना पत्र न आने से आरोप तय नहीं हो सके। अभी अगली तारीख पर आरोप मुक्त के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होगी। बीते दिनों कोर्ट ने इरफान, रिजवान और मोहम्मद शरीफ की ओर से दाखिल आरोप मुक्ति की अर्जी को खारिज कर दिया था।

कचहरी में तैनात रहा भारी पुलिस बल
विधायक इरफान की पेशी को देखते हुए कानपुर कचहरी को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस बार 50 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। कोर्ट रूम से लेकर गेट तक क्यूआरटी को अलग-अलग स्थानों पर 8 जगह तैनात किया गया था। पिछली पेशी के दौरान इरफान के समर्थकों के चलते व्यवस्था बिगड़ गई थी। इसीलिए इस बार सुरक्षा को पूरी तरह से चाक-चौबंद रखा गया। पूरी कचहरी में पीएसी का डेरा था। इसके अलावा कचहरी के आस-पास 6 इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें दो इंस्पेक्टर और एक एसीपी विधायक के साथ मौजूद रहे।

महिला का घर फूंकने का है मामला
इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान सोलंकी पर जाजमऊ थाना क्षेत्र के डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा ने प्लॉट पर आग लगाने का मामला दर्ज कराया था। महिला का आरोप है, कि उनकी गैर मौजूदगी में विधायक और उनके भाई ने प्लाट पर कब्जा करने की नीयत से उनका घर फूंक दिया था। ग्वालटोली पुलिस ने इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे की तहरीर पर इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, नूरी शौकत, अशरफ अली उर्फ शेखू नूरी, इशरत, उम्मार इलाही उर्फ अली, अनवर मंसूरी, अख्तर मंसूरी और अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
मीडियाकर्मियों को पीटने पर हटाए गए थानेदार, दरोगा लाइन हाजिर
शुक्रवार को कचहरी के बाहर उस समय हड़कंप मच गया जब कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों से सपा विधायक की सुरक्षा में तैनात कोतवाली इंस्पेक्टर और शिवराजपुर थाने मंक तैनात दरोगा ने अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी। इससे आक्रोशित पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त से मामले की शिकायत की। प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर देर शाम पुलिस कमिश्नर ने कोतवाली प्रभारी शरदेंदु पांडेय को थाने से हटाकर यूपी 112 में तैनात कर दिया। उनके स्थान जेसीपी कार्यालय में तैनात इंस्पेक्टर सूर्यबली पांडेय को कोतवाली की कमान सौंप दी है। वहीं दरोगा लक्ष्मी रतन को लाइन हाजिर कर दिया।
