अनुसंधान को बेहतर बनाने के लिए आरडीएसओ कर रहा महत्‍वपूर्ण प्रयास: महानिदेशक

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लखनऊ, अमृत विचार। भारतीय रेलवे के रिसर्च विंग आरडीएसओ ने देश के उत्‍तरी भागों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक वर्चुअल वैंडर मीट का आयोजन किया। इस मीट को उद्योग जगत और इसमें शामिल हुए 150 से अधिक प्रतिनिधियों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली। आरडीएसओ के महानिदेशक, वीरेन्‍द्र कुमार और विशेष महानिदेशक …

लखनऊ, अमृत विचार। भारतीय रेलवे के रिसर्च विंग आरडीएसओ ने देश के उत्‍तरी भागों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक वर्चुअल वैंडर मीट का आयोजन किया। इस मीट को उद्योग जगत और इसमें शामिल हुए 150 से अधिक प्रतिनिधियों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली।

आरडीएसओ के महानिदेशक, वीरेन्‍द्र कुमार और विशेष महानिदेशक (वैंडर डेवलैपमेंट) ए.के. पांडे की ओर से किए गए प्रयासों के तहत देश के सभी उद्योगों को क्षेत्रवार शामिल करने के लिए वैंडर मीट का कार्यक्रम बनाया गया है। अखिल भारतीय स्‍तर पर इन बैठकों का समन्‍वय गोपाल कुमार, पीईडी, क्‍वालिटी एशोरेंस (मैकेनिकल) और शमिन्‍दर सिंह पीईडी, क्‍वालिटी एशोरेंस (सिगनल एवं दूर-संचार) की ओर से किया जा रहा है।

इस पहली वर्चुअल वैंडर मीट को सम्‍बोधित करते हुए आरडीएसओ के विशेष महानिदेशक (वैंडर डेवलैपमेंट) ए.के. पांडे ने कहा कि अनुमोदन प्रक्रिया को सरल करने और अनुसंधान को बेहतर बनाने के लिए आरडीएसओ ने अनेक महत्‍वपूर्ण प्रयास किए हैं । लोकेश सिंह, कार्यकारी निदेशक, क्‍वालिटी एशोरेंस (मैकेनिकल) और पराग कुमार गोयल, कार्यकारी निदेशक, क्‍वालिटी एशोरेंस (संकेत एवं दूरसंचार), नई दिल्‍ली ने आरडीएसओ की ऑनलाइन वैंडर अनुमोदन प्रक्रिया और व्‍यापर करने में सुगमता बढ़ाने के लिए किए गए उपायों का विस्‍तृत प्रेजेंटेशन दिया।

प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि 5 स्रोतों से कम वाली आरडीएसओ नियंत्रित मदों के लिए वैंडरों को स्‍वयं ही पंजीकृत करने में प्रोत्‍साहन देने के लिए पहले ही अनेक उपाय किए गए हैं । 5 स्रोतों से कम वाली मदों के लिए पंजीकरण प्रभार मध्‍यम/लघु उद्योगों के लिए 1,50,000/-रूपये लाख से घटाकर 10,000/- रूपये और अन्‍यों के लिए 2,50000/- रूपये से घटाकर 50,000/- रूपये कर दिया है ।

पंजीकरण प्रक्रिया से लेकर आवेदन को मंजूरी प्रदान करने की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हैं। भारत के आत्‍मनिर्भरता और मेक-इन-इंडिया प्रयासों के तहत घरेलू विनिर्माताओं को प्राथमिकता दी जायेगी। सामग्री पूरी खरीद डिजीटल प्‍लेटफॉर्म से की जाती है । विवरणों, ड्राइंग, तकनीकी दस्‍तावेजों की सूची इत्‍यादि सभी दस्‍तावेज आरडीएसओ की वेबसाइट पर उपलब्‍ध हैं और नि:शुल्‍क डाउनलोड किए जा सकते हैं। पंजीकरण, परीक्षण, परामर्श प्रभार इत्‍यादि के लिए भुगतान केवल ऑनलाइन है।

इसके अलावा प्रोटो टाइप परीक्षण प्रभारों को सभी वैंडरों के लिए 50% तक कम किया गया। प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया और आरडीएसओं के इस प्रयास की सराहना की।आरडीएसओ अधिकारियों ने उद्योगों के प्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए प्रश्‍नों के जबाब दिए। बैठक में लुधियाना के उद्योगपतियों ने बडे उत्‍साह के साथ भाग लिया। उद्योग जगत की प्रतिक्रिया बहुत सकारात्मक रही।

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