GSVM Medical College निखारेगा ओटी टेक्निशियन का कौशल, IIT Kanpur के सहयोग से तैयार की जा रही स्किल लैब
कानपुर आईआईटी के सहयोग से स्किल लैब तैयार की जा रही।
कानपुर आईआईटी के सहयोग से स्किल लैब तैयार की जा रही। मेडिकल कॉलेज ओटी टेक्निशियन का कौशल निखारेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त उपकरण तैयार होंगे।
कानपुर, अमृत विचार। मरीजों की जान बचाने में डॉक्टरों के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की अहम भूमिका रहती है। अगर जटिल केस हो या फिर सड़क हादसे और किसी अन्य दुर्घटना में घायल हुए का तुरंत ऑपरेशन करना हो तो ओटी टेक्निशियन की जरूरत होती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश भर के ओटी टेक्निशियन का कौशल निखारने जा रहा है। उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग से युक्त उपकरणों और मशीनों से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे किसी तरह के केस को करने में उन्हें कठिनाई न आए। इस कार्य में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और आईआईटी के स्टार्टअप के सहयोग से ओटी टेक्निशियन के लिए स्किल लैब बनाई जा रही है। इसमें सेमुलेटर से लेकर कई तरह की डिमी रखी जाएगी। इनकी मदद से उन्हें जान बचाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह मशीनें मेक इन इंडिया की तर्ज पर विकसित होंगी, जिसका बाद में हस्तांतरण किया जा सकेगा। अब तक आ रही मशीनें विदेशी हैं और इनका खर्च बहुत ही ज्यादा है। यह मशीनें सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर आधारित हैं।
डॉक्टर और इंजीनियर मिलकर करेंगे कार्य
आईआईटी के स्टार्टअप इनोवेशन इंक्यूबेशन सेंटर के सह प्रभारी प्रो. अमिताभ बंद्योपाध्याय के मुताबिक संस्थान के छात्र केजीएमयू और पीजीआई के साथ शोध कार्य कर रहे हैं। अब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के साथ कार्य किया जाएगा। चिकित्सीय सेवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए डॉक्टर और इंजीनियर मिलकर कार्य करेंगे। डॉक्टर आईआईटी आएंगे, जबकि संस्थान के विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज जाएंगे। उन्हें ऑपरेशन थियेटर की कार्य प्रणाली की जानकारी दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज की कमेटी गठित
ओटी तकनीशियन के प्रशिक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज की ओर से कमेटी गठित की गई है, जिसमें कई डॉक्टरों को शामिल किया गया है। यह अपनी जानकारी और रिपोर्ट देंगे। शोध कार्य के लिए शासन की ओर से भी हरी झंडी मिल गई है।
