Kanpur: मंदिर में कब्जे व तोड़फोड़ को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, साधु संत ने दिया धरना
कानपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा।
कानपुर में मंदिर कब्जे तोड़फोड़ को लेकर बवाल होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने डीसीपी साउथ कार्यालय में हंगामा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई।
कानपुर, अमृत विचार। जूही थानाक्षेत्र के परमपुरवा में मंदिर पर कब्जे और तोड़फोड़ को लेकर हंगामा हो गया। मंदिर में कब्जे का आरोप लगाकर बुधवार दोपहर कुछ साधु संत डीसीपी साउथ के कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद मंदिर पहुंची पुलिस ने उस जगह को सील कर कब्जे के आरोपित तीन लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाने लगी। मौके पर मौजूद बजरंग दल कार्यकर्ता पहले मंदिर दिखाने फिर आरोपितों को ले जाने की मांग कर पुलिस की जीप के आगे खड़े हो गए। इस दौरान पुलिस की बजरंग दल कार्यकर्ताओं से धक्का मुक्की भी हुई।
जूही थानाक्षेत्र के परमपुरवा में संकटहारी बालाजी नाम से मंदिर है। मंदिर के पुजारी पुतान गिरी ने बताया कि काफी लंबे समय से मंदिर में पूजा पाठ हो रहा है। रविवार को मंदिर परिसर में जाने के दौरान उनको रोक लिया गया था। जिस पर उन्होंने जूही थाने में शिकायत की। कोई सुनवाई न होने पर बुधवार को पुजारी कुछ संतों के साथ जय श्रीराम के नारे लगाते हुए डीसीपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने मंदिर व उससे जुड़ी जमीन पर जूही थाना पुलिस की मिलीभगत से कब्जा कराने का आरोप लगाया।

मामले की जानकारी डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल को होने पर उन्होंने जूही पुलिस को जांच के लिए मौके पर भेजा। मंदिर में कब्जा व तोड़फोड़ की जानकारी होने पर बजरंग दल कार्यकर्ता दिलीप बजरंगी साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के आने पर पुलिस ने मंदिर परिसर में जाने वाले गेट को बंद कर लिया। जिस पर कार्यकर्ता भड़क उठे और मंदिर दिखाने की मांग कर धरने पर बैठ गए।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस परिसर में मौजूद दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गाड़ी में बैठाकर पूछताछ के लिए ले जाने लगी, जिस आक्रोशित कार्यकर्ता जीप के आगे अड़ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का मुक्की हो गई। हंगामा बढ़ने की सूचना पर एसीपी नौबस्ता, डीसीपी साउथ समेत दस थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल ने बताया कि प्रकरण कब्जेदार के विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने धारा145 के तहत कार्यवाही की है। मंदिर व मूर्ति तोड़े जाने के कोई भी साक्ष्य मौके पर प्राप्त नहीं हुए हैं।
