लखनऊ: दिव्यांगों को न दे सके 'रफ्तार', अब Budget खर्च करने को परेशान 

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Edited By Amrit Vichar
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मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल बांटना तो दूर खरीद तक नहीं पाए कई जिले

लखनऊ, अमृत विचार। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग वित्तीय वर्ष 2022-23 में बजट होते हुए भी समय-समय पर योजनाओं में खर्च नहीं कर पाया है। इससे करोड़ों रुपये जिलों में पड़े हुए हैं, जब वर्ष समाप्ति की ओर आया तो विभागों में खर्च करने को खलबली मची हुई है कि कहां और कैसे बजट खर्च किया जाए नहीं तो सरेंडर यानी वापस हो जाएगा। योजनाओं में सबसे मुख्य मोटराइज्ड ट्राई साइकिलें शामिल हैं। निदेशक सत्य प्रकाश पटेल ने 8 फरवरी को समीक्षा की तो बाराबंकी, सुलतानपुर, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद में मोटराइज्ड ट्राई साइकिलें खरीदना तक नहीं पाया। जबकि इससे अधिक ऐसे जिले मिले जहां खरीद करने के बाद साइकिलें बांटी तक नहीं गई हैं। वहीं, नए वित्तीय वर्ष के लिए भी आगाह किया गया है। जिसके लिए पहले से प्लान बनाकर जिले देंगे कि कब और कहां कितना बजट खर्च करेंगे।

लापरवाही पर चेतावनी, 31 मार्च तक लक्ष्य पूर्ति का दावा

जिलों में लापरवाही पर निदेशक ने नाराजगी जताते हुए देवीपाटन, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर व वाराणसी मंडल के उप निदेशक को चेतावनी दी थी, जबकि बस्ती, चित्रकूट व अलीगढ़ की प्रगति अच्छी होने पर प्रशंसा की थी। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी एक माह का समय होने पर 31 मार्च तक लक्ष्य पूर्ति का दावा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा, लक्ष्य अधूरा

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पहली बार संसदीय क्षेत्र में 100-100 मोटराइज्ड ट्राई साइकिलें बजट से खरीदकर बांटने की घोषणा की थी। प्रदेभर में कुल 6437 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें जनपद वार बांटने का लक्ष्य तय कर धनराशि दी थी। लक्ष्य के सापेक्ष 3135 मोटराइज्ड ट्राई साइकिलें खरीदी गईं हैं, जिसमें मात्र 1667 ही दिव्यांगों को बांटी गई हैं। कहीं प्रक्रिया लंबित है तो कहीं चल रही है।

19 जिलों ने खरीदने के बाद नहीं बांटी साइकिलें

आगरा में 20 मोटराइज्ड साइकिलें खरीद गईं। लेकिन एक भी नहीं बांटी गईं। इसी तरह अमेठी में 14, अयोध्या 14, गोंडा 77, देवरिया 12, झांसी 15, महाराजगंज 100, औरैया 60, फर्रुखाबाद 40, कानपुर नगर 80, रायबरेली 120, उन्नाव एक, गौतमबुद्ध नगर 60, गाजियाबाद 100, रामपुर 1, संभल 9, फतेहपुर 100, कौशांबी 60 व प्रतापगढ़ में 10 साइकिलें खरीदने के बाद एक भी बांटी नहीं गई हैं।

बरेली मंडल टाॅप पर

वहीं, बरेली मंडल टॉप पर रहा है। जहां, बरेली जिले में 100, बदायूं में 10, पीलीभीत में सात व शाहजहांपुर में 100 लक्ष्य के सापेक्ष साइकिलें खरीदी गईं और वितरण की गईं।


वर्जन
वित्तीय वर्ष में समय-समय पर योजनाओं पर बजट खर्च किया गया है। इससे विभाग की प्रगति अच्छी है। अभी एक माह का समय है और प्रक्रिया चल रही है। मोटराइज्ड साइकिलों की भी 70 प्रतिशत तक लक्ष्य हासिल किया है। सभी योजनाओं का लक्ष्य 31 मार्च से पहले पूर्ति कर लेंगे।
- सत्य प्रकाश पटेल, निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उप्र

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