शाहजहांपुर: कोरोना ही नहीं डेंगू से भी बचाना होगा वरना बढ़ जाएगी मुसीबत
कुमार सौरभ, शाहजहांपुर। कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जनपद में कोरोना संक्रमितों की मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सीजन के दूसरे रोगों को भूलना और खतरनाक हो सकता है। डेंगू-मलेरिया ऐसी ही घातक बीमारी है। इसमें रक्त की प्लेटलेट्स तेजी से कम होते हैं। तेज बुखार आता …
कुमार सौरभ, शाहजहांपुर। कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जनपद में कोरोना संक्रमितों की मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सीजन के दूसरे रोगों को भूलना और खतरनाक हो सकता है। डेंगू-मलेरिया ऐसी ही घातक बीमारी है। इसमें रक्त की प्लेटलेट्स तेजी से कम होते हैं। तेज बुखार आता है। इसके साथ अगर कोरोना हुआ तो यह प्राणघातक हो सकता है।
डेंगू एजिप्टी नामक संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह भी वायरस जनित बीमार है। डेंगू एक विषाणु से होने वाली बीमारी है जो एडीज डेंगू एक तरह का वायरल बुखार है। डेंगू बुखार तीन प्रकार के होता है। साधारण डेंगू, रक्त स्त्राव वाला डेंगू और डेंगू शाॅक सिन्ड्रोम डेंगू बुखार। डेंगू के मरीज को 2 से 7 दिवस तक तेज बुखार चढता है एवं इसके साथ निम्न में से दो या अधिक लक्षण भी साथ में होते हैं। अचानक तेज बुखार। सर में आगे की और तेज दर्द। आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द में और तेजी। शरीर की चमड़ी पीली तथा ठन्डी पड जाना। नाक, मुंह और मसूडों से खून बहना। प्लेटलेट कोशिकाओं की संख्या 1,00,000 या इससें कम हो जाना। नब्ज का कमजोर होना व तेजी से चलना। रक्तचाप का कम हो जाना व त्वचा का ठन्डा पड़ जाना।
बुखार आने पर क्या करें
मरीज को आराम करना चाहिए। नजदीक के सरकारी अस्पताल में डाक्टर को दिखाएं। मरीज को ओआरएस दिया जाए। भूख के अनुसार पर्याप्त मात्रा में भोजन दिया जाए।
डेंगू बुखार से कैसे करें बचाव
– बच्चों को ऐसे कपड़े पहनायें जिससे उनके हाथ पांव पूरी तरह से ढके रहें।
– घर में कीट नाशक दवा का समय-समय पर छिड़काव करें।
– जले हुये तेल या मिट्टी के तेल को नालियों में डालें।
– कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें।
– मच्छर भगाने वाली दवाईयों का प्रयोग करें।
– सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– टंकियों तथा बर्तनों को ढककर रखें।
– घर के आस-पास जलभराव न होने दें।
“बारिश में अपने घरों के आसपास पानी न जमा होने दें। डेंगू से बचाव के लिए घरों के अंदर और आसपास सफाई रखना बहुत जरुरी है।” -पीके श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी
