Kanpur News : जिला पंचायत और KDA विवाद में भटक रहे ग्रामीण, गांवों को लेकर अधिकारियों में चल रहा मनमुटाव

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में जिला पंचायत और केडीए के विवाद में ग्रामीण भटक रहे।

कानपुर में जिला पंचायत और केडीए के विवाद में ग्रामीण भटक रहे। शासन तक केडीए और जिला पंचायत विवाद पहुंचा। सीमा विवाद को लेकर दोनों विभाग आमने सामने आए। 287 गांवों को लेकर अधिकारियों के बीच मनमुटाव चल रहा है।

कानपुर, अमृत विचार। दो सरकारी विभागों के बीच सीमा विवाद को लेकर पैदा हुई रार के बीच ग्रामीण भटकने को मजबूर हैं। यह विवाद जिला पंचायत विभाग और कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के बीच पिछले साल से चल रहा है। अब यह मामला शासन तक पहुंच गया है। जहां से दोनों ही विभागों के अधिकारी अपने-अपने पक्ष में निर्णय लेने को लेकर जोर दे रहे हैं। 
 
दरअसल मामला मकानों, भवनों, फ्लेट आदि के नक्शे पास कराए जाने को लेकर है। केडीए ने करीब 285 गांवों को प्राधिकरण की सीमा बताते हुए अपनी निगरानी में ले लिए हैं। केडीए अधिकारियों का कहना है कि ये क्षेत्र प्राधिकरण में आते हैं और यहां होने वाले निर्माण कार्यों को लेकर नक्शे पास करने का अधिकारी भी केडीए का ही है। वहीं जिला पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन गांवों में उनका जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्रीय पंचायत सदस्य व अधिकारी हैं।
 
ऐसे में वहां के विकास और निजी भवन निर्माण के दौरान होने वाली कार्रवाई जिला पंचायत विभाग के स्तर से ही संपन्न कराई जानी चाहिए। दोनों विभागों के अधिकारी अपने-अपने प्रमाणों के साथ मामला पक्ष में करने में जुटे हैं। आपसी सहमति नहीं होने पर अब यह मामला शासन स्तर पर पहुंच गया है। यहां से दोनों ही विभागों के अधिकारियों से लगातार इस मामले में जवाब लिए जा रहे हैं। लेकिन, अभी यह विवाद सुलझा नहीं है।
 
ऐसे में जिन गांवों को लेकर यह मामला चल रहा है, वहां के ग्रामीण मकानों के नक्शे पास कराने को लेकर भटक रहे हैं। उनके नक्शे पास करने के लिए जिला पंचायत से अधिकार हटाने की बात कही जा रही है तो वही केडीए स्तर पर भी उन्हें सही सहूलियत नहीं मिल पा रही है।

 

यह कहता है केडीए

 
केडीए की जमीन शहर में होने के साथ ही कानपुर देहात के माती व उन्नाव सीमा तक है। प्राधिकरण के अधिकारी कहते हैं कि यहां पर बिल्डर, अभियंताओं के साथ मिलकर जिला पंचायत से नक्शा पास करा रहे हैं। वहां पर कम सुविधाएं होने के बाद भी कम दरों में नक्शा पास हो जाता है। इससे केडीए को चूना लग रहा है। हालत यह है कि कल्याणपुर, सिंहपुर, चकरपुर, माती, रूमा, नारामऊ, बिठूर के जुड़े गांव समेत कई जगह जिला पंचायत ने नक्शे पास कर दिए हैं। केडीए का दस्ता जब वहां पर रोकने जाता है तो बिल्डर नक्शा दिखाकर वापस कर देते हैं।
 

शासन ने जारी किया था आदेश पत्र

 
शासन ने तीन अक्टूबर 2014 का आदेश पत्र जारी किया था। इसमें विकास प्राधिकरण के चिह्नित भूमि पर आवासीय व व्यावसायिक निर्माण के लिए जिला पंचायत द्वारा नक्शा पास नहीं करने के आदेश थे। शिकायत होने पर संबंधित अपर मुख्य अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की भी बात कही गई थी। इस शासनादेश के साथ केडीए सचिव ने आवास विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, कानपुर नगर, देहात और उन्नाव के जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इसमें कहा था कि केडीए की सीमा पर नक्शा पास करने का अधिकार केवल प्राधिकरण के पास है।
 
शासनादेश में साफ है कि प्राधिकरण की सीमा में आने वाला हर क्षेत्र उसके अधीन है। नक्शा पास कराने अधिकारी प्राधिकरण के पास है। ऐसे में जिला पंचायत की ओर से यदि नक्शा पास कराया जाता है तो इस पर आपत्ति जताई जाएगी।- शत्रोहन वैश्य, केडीए सचिव
 
जनता की परेशानियों को दरकिनार कर केडीए मनमानी वाली बाते कर रहा है। जिन गांवों में जिला पंचायत की व्यवस्था है, वहां केडीए कैसे नक्शे पास कर सकता है। ग्रामीण परेशान हैं और उन्हें भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसलिए शासन तक यह बात रखी गई है, जिससे ग्रामीणों को न्याय मिले ओर उन्हें नक्शा पास कराने के लिए भटकना न पड़े।- स्वप्निल वरुण, जिला पंचायत अध्यक्ष

 

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