लखीमपुर-खीरी: फर्जी कागजों के मामले में DIOS और बाबू होंगे गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी

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Published By Vikas Babu
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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। करीब सात साल पहले फर्जी कागजों के आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति किए जाने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने तत्कालीन डीआईओएस और बाबू को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने सदर कोतवाली पुलिस को वारंट भेजा है।

मुकदमा वादी राजेंद्र मिश्रा के अधिवक्ता राजीव पांडेय ने बताया कि जिला पंचायत इंटर कॉलेज भीरा में राधेलाल पुत्र कुमार चंद्र मिश्रा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। वर्ष 2007 में उसकी मौत हो गई थी। मृतक आश्रित में गौरव मिश्रा नाम के युवक ने कक्षा आठ की टीसी और मार्कशीट लगाकर दावा पेश किया था, जिसके बाद उसकी नियुक्ति कर दी गई थी।

इसकी जानकारी जब मृतक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राधेलाल के भाई राजेंद्र कुमार मिश्रा को हुई तो उन्होंने डीआईओएस और माध्यमिक शिक्षा परिषद से जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी, जिसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के दस्तावेज छुपाकर कक्षा आठ की टीसी और मार्कशीट लगाने और कक्षा आठ की टीसी में जन्म तिथि आदि में हेरफेर करने का खुलासा हुआ था।

इस पर राजेंद्र मिश्रा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर गौरव मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अधिवक्ता राजीव पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए डीआईओएस दीपचंद और बाबू अनुज ने हाईकोर्ट की शरण ली और गिरफ्तारी पर रोक का स्थगन आदेश ले लिया था, जिसे हाईकोर्ट ने सात दिसंबर 22 को खारिज कर सुनवाई के आदेश सीजेएम को दिए थे। सीजेएम ने वारंट जारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई की तारीख 15 मार्च तय की है।

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