जलालाबाद: मछली न देने पर फायरिंग और मारपीट, दो घायल

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जलालाबाद, अमृत विचार। नदी पर शिकार कर रहे धोबी से जबरन मछली मांगने पर विवाद हो गया। मछली न देने पर ठाकुरों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक युवक घायल हो गया। मामला जलालाबाद थानाक्षेत्र के गांव सिमराखेड़ा का है यहां के निवासी वीरू गुरुवार की रात करीब साढ़े 8 बजे सिमराखेड़ा की …

जलालाबाद, अमृत विचार। नदी पर शिकार कर रहे धोबी से जबरन मछली मांगने पर विवाद हो गया। मछली न देने पर ठाकुरों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक युवक घायल हो गया।

मामला जलालाबाद थानाक्षेत्र के गांव सिमराखेड़ा का है यहां के निवासी वीरू गुरुवार की रात करीब साढ़े 8 बजे सिमराखेड़ा की पुलिया पर बैठे मछली का शिकार कर रहे थे। वीरू ने आरोप लगाया कि तभी वहां गांव के ही सेठपाल के पुत्र सत्य ओम और अभिषेक नन्हे के साथ पहुंचे और मछली की मांग करने लगे। मना कर देने पर सभी लोग गाली गलौच करने लगे जिसका विरोध करने पर सभी लोग तमंचा ले आये और एक के बाद एक 5 फायर उस पर झोंक दिए। वीरू ने मौके से भागने की कोशिश की मगर फिर भी सत्य ओम के तमंचे से निक़ली एक गोली उसके कान को चीरती हुई निकल गई। जिसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए

गोलियों की आवाज और चीख पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो गांव के ही एक ठाकुर साहब के यहां परिजनों के साथ जाकर शिकायत की। वीरू का आरोप है कि तीनों लोग लाठी डंडे से लैस होकर वहां भी पहुंच गए और उसे व उसके परिजनों को पीटना शुरू कर दिया। इसमें उसके भाई आकिल को चोट आई है। सूचना मिलने पर रात करीब 11 बजे के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

पुलिस आने की सूचना मिलने पर आरोपित गांव से फरार हो गए। पुलिस ने सुबह कोतवाली आने का फरमान सुनाकर वापस चले गए। सुबह वीरू ने कोतवाली आकर अपनी व्यथा सुनाई साथ ही मौके पर मिला एक खाली खोखा भी पुलिसकर्मियों को दिया है। कोतवाल धीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर पर सत्य ओम और नन्हे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है जल्द ही दोनों की गिरफ्तारी कर के जेल भेजा जाएगा।

गोली लगने पर भी मारपीट में दर्ज हुआ मुकदमा
सिमराखेड़ा में हुई फायरिंग से पूरा गांव थर्रा गया लोगों में अब तक दहशत है। पीड़ित भी चीख चीख कर बता रहा कि सत्य ओम ने उसके सर पर निशाना साधते हुए उस पर फायर झोंका था। मगर अपनी खुशनसीबी से वह बाल बाल बच गया फिर भी गोली उसके कान को छूती हुई उसे घायल कर के निकल गई। फिर भी कोतवाली में सिर्फ मारपीट और गाली गलौज की हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शायद पुलिस गोली चलने की घटना को सत्य तब मानती जब गोली पीड़ित के सर के पार निकल जाती।

पिछली बार हुई होती कार्रवाई तो नहीं होती फायरिंग
वीरू के परिजनों ने बताया कि लगभग दो साल पहले भी सत्य ओम और उसके साथियों ने लगभग दो साल पहले उनसे आये दिन पैसे की डिमांड की। डीमांड पूरी न होने पर मारपीट भी की। उसके बाद परिजनों ने 3 जुलाई 18 और 5 जुलाई 18 को लिखित शिकायती पत्र दिया मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, उल्टा पुलिस ने समझा बुझाकर घर भेज दिया। तब से अब तक सत्य ओम व उसके साथी इन लोगों से जबरिया रुपये पैसे छीन लेते हैं। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो आज गोली चलाने की हिम्मत नहीं होती।

घटना के 14 घण्टे बाद हुआ मेडिकल
परिजनों ने बताया कि वीरू के गोली गुरुवार रात लगभग साढ़े 8 बजे मारी गई। पुलिस ने घायल से कहा गांव में ही पट्टी करा लो सुबह थाने आना तब देखेंगे। जिस पर परिजन सुबह 9 बजे कोतवाली पहुंचे तो करीब साढ़े 10 बजे उनको मजरुबी चिट्ठी बना कर दी गई। नगरिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गोली लगने से मेडिकल कराने तक लगभग 14 घण्टे का समय बीत गया था।

एक हफ्ते के अंदर दो बार फायरिंग से क्षेत्रवासी भयभीत
जलालाबाद थानाक्षेत्र में बीते 8 अगस्त को जलालाबाद कटरा हाइवे पर मोहल्ला नौसारा में दिनदहाड़े गोली मारकर दहशतगर्दों ने दो युवकों को घायल कर दिया था। पुलिस अब तक उन नामजद दहशतगर्दों को पकड़ भी नहीं पाई थी कि 7वें दिन क्षेत्र में फिर गोलीबाजी हो गई। इस बार की गोलीबाजी पिछली तुलना में ज्यादा गम्भीर है जिससे क्षेत्रवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। जलालाबाद क्षेत्र में पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाफी साबित हो रही है।

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