शाहजहांपुर: जेल में हरी सब्जियों और फूलों से तैयार रंगों से खेली जाएगी होली
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिला कारागार में बंदी व स्टाफ मिलकर होली के उत्सव को धूमधाम से उल्लासपूर्ण मनाने की तैयारी में लगे हुए हैं। पूरी जेल की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। जिसमें बंदियों द्वारा दीवारों पर सुन्दर पेंटिंग बनाई गई हैं। पुताई व रंगाई का कार्यक्रम चल रहा है।
बंदियों की अलग अलग टीमें बनाई गई हैं जिनमें कुछ हर्बल व प्राकृतिक गुलाल बनाने में लगे हैं, हर्बल गुलाल जेल में उत्पादित हरी सब्जियों एवं फूलों से तैयार किए जा रहे हैं। जिसे बंदियों व स्टाफ द्वारा प्रयोग में लाया जाएगा। ताकि किसी बंदी व स्टाफ को किसी प्रकार का संक्रमण न हो।
उक्त हर्बल व प्राकृतिक गुलाल कारागार के मुख्य द्वार पर सीमित मात्रा में निशुल्क आमजन को उपलब्ध हो सकेगा। कुछ टीमें होली के फाग तैयार करने, नृत्य की प्रैक्टिस करने तथा कुछ राधा-कृष्ण की भूमिका करने तो कुछ शिव-पार्वती बनने की तैयारी करने में लगे हैं।
आठ मार्च को सुबह सात बजे से जेल अधीक्षक समेत सभी अधिकारी व कर्मचारी सर्वप्रथम कारागार में सभी बंदियों के साथ होली मनाएंगे। बंदियों के साथ फूलों की होली खेलेंगे तथा जेल में निर्मित हर्बल गुलाल से बंदियों का तिलक कर गले मिलेंगे।
इस अवसर पर बंदियों द्वारा ढोल,नगाढे तथा वाद्य यंत्रों के साथ होली के गीत, जिसमें देहाती फाग व बृज के होली के गीत गाए जाएंगे तथा तथा सभी बंदी मिलकर रंगारंग नृत्य करेंगे। इस अवसर पर राधा-कृष्ण व शिव पार्वती की झांकियों पर पुष्प वर्षा व रंग व गुलाल के साथ होली खेली जाएगी।
महिला बंदियों व उनके साथ रह रहे बच्चों के लिए हर्बल गुलाल, पिचकारी व रंग की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है, ताकि बच्चे जेल में रहने के बावजूद भी होली को अपने स्वभाव अनुरूप खुशी खुशी मना सके। महिला बंदी भी होली को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं और उनकी पूरी तैयारी है कि कोई अधिकारी व स्टाफ बिना रंग के न जाने पाए।उनके द्वारा भी गाने व नृत्य की तैयारी की गई।
अधिकारियों व समस्त स्टाफ का होली मिलन कार्यक्रम बंदियों के साथ होली मनाने के उपरांत जेल अधीक्षक आवास पर रखा गया है, जहां सभी अधिकारी व स्टाफ सपरिवार होली का त्योहार मनाएंगे। इसके साथ-साथ महिला बंदियों द्वारा अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस की वृहद स्तर पर तैयारी की गई है जिसे वृहद स्तर पर मनाने की तैयारी की गई है। जिसमें महिला बंदियों द्वारा महिला सशक्तिकरण पर विभिन्न रोचक गाने,नृत्य, सामूहिक नृत्य, नृत्य नाटिकाएं, लघु नाटक, बच्चे के कार्यक्रम आदि शामिल हैं। अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम नौ मार्च को आयोजित किए जाएंगे।
