शाहजहांपुर: चीन हो या पाकिस्तान… हर दुश्मन को देंगे माकूल जवाब

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पवन तोमर, जैतीपुर(शाहजहांपुर)। यूं तो हर भारतीय के अंदर देश भक्ति का जज्बा है लेकिन यहां बरी प्रसिद्धपुर में देशभक्ति का जज्बा हर किसी भारतीय का दिल चौड़ा कर देने के लिए काफी है। क्योंकि इस गांव का शायद ही कोई परिवार हो जो सेना में न हो। कोई देश की सीमा पर देश की …

पवन तोमर, जैतीपुर(शाहजहांपुर)। यूं तो हर भारतीय के अंदर देश भक्ति का जज्बा है लेकिन यहां बरी प्रसिद्धपुर में देशभक्ति का जज्बा हर किसी भारतीय का दिल चौड़ा कर देने के लिए काफी है। क्योंकि इस गांव का शायद ही कोई परिवार हो जो सेना में न हो। कोई देश की सीमा पर देश की सुरक्षा कर रहा है तो कोई सेना में जाने का जज्बा पाले नौजवानों को तैयार कर रहा है।

ब्लॉक मुख्यालय से महज 16 किलोमीटर के फासले पर 23 सौ की आबादी वाले इस गांव के 22 लोग सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं, वहीं इसी गांव के रहने वाले सेना से रिटायर उन आठ लोगों में देश भक्ति का जज्बा ठीक उसी तरह बरकरार है, मानों अब भी वह देश की सीमा पर तैनात हों और अपने दुश्मनों पर कड़ी नजर गढ़ाएं हों। यही वजह है कि इन रिटायर जवानों ने तैयार हो रही नई पीढ़ी के अंदर भी देश भक्ति का जज्बा कूट-कूटकर भरने का काम शुरू किया हुआ है।

गांव के नौजवानों को सेना में जाने की प्रेरणा देने के साथ ही यह रिटायर जवान बाकायदा उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं। सुबह से शाम तक लगातार प्रशिक्षण चलता है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में से अधिकतर बच्चों ने एनसीसी कोर्स ले रखा है। सेना में जाने के लिए पूरी तरह से मन बना चुके बच्चों में जो देशभक्ति का जोश और हौसला उनके प्रशिक्षण से साफ दिखाई देता है। वहीं सेना का जवान जो भी छुट्टी से आता है। वह अपने नए नए तरीके बताता है, ताकि उनके अंदर सेना में जाने का हौसला बरकरार रहे। वहीं बच्चों के माता-पिता व ग्रामीणों का कहना है कि देश भक्ति उनके खून में है। वह देश के लिए अपनी जान भी देंगे।

ताकि बरकार रहे देशभक्ति का जज्बा
रिटायर होकर गांव के नौजवानों को प्रशिक्षण दे रहे रिटायर जवानों का कहना है कि प्रशिक्षण देने का मतलब देश सेवा के लिए सेना में नौजवानों को भेजने का तो है ही, साथ ही विषम परिस्थितियों में देश के हर नौजवान को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। रिटायर जवानों का कहना था कि उन्हें नाम की नहीं परवाह नहीं है। वह देश सेवा के लिए काम करना चाहते हैं और कर रहे हैं।

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