मुरादाबाद : विदेशी सेंध, पासपोर्ट बनाने के खेल से पुलिस का दामन मैला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

चिंताजनक : एलआईयू व पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल,  रोंहिग्या का अतीत खंगालने में जुटी पुलिस, पूछताछ

श्रीशचंद्र मिश्र ‘राजन’, अमृत विचार। देश की आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले पश्चिम यूपी में सुरक्षा एजेंसियां खेल कर रही हैं। लापरवाह पुलिस महकमा व स्थानीय अभिसूचना ईकाई विदेशियों तक को भारतीय पासपोर्ट मुहैया कराने में परहेज नहीं कर रहीं है। मंगलवार को तेलंगाना पुलिस ने जिस रूप में यहां पुलिस का खेल उजागर किया, वह देश की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिह्न है। 

तेलंगाना के बालापुर थाने पर तैनात उपनिरीक्षक बी.श्रीकांत ने कांठ पुलिस को जो तहरीर दी, उसे पढ़ने के बाद यूपी पुलिस की खाकी पसीने से तर-बतर हो गई। उपनिरीक्षक का दावा है कि बरेली पासपोर्ट कायार्लय ने 2015-16 में एक रोहिंग्या मुसलमान का पासपोर्ट जारी कर दिया। म्यांमार निवासी मोहम्मद फारुक उर्फ मोहम्मद इस्माइल पासपोर्ट की मदद से खुद को भारतीय साबित करने पर तुला है।

तेलंगाना पुलिस ने यह भी बताया कि मोहम्मद फारुक ने पासपोर्ट के जरिए खुद को कांठ थाना क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर चेंदरी का मूल निवासी बताया है। तेलंगाना पुलिस ने यह भी दावा किया है कि यूपी के रहने वाले मोहम्मद इलियास ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने में मोहम्मद फारुख की मदद की। तथ्यों व प्रमाणों के आधार पर तेलंगाना पुलिस के दावों ने मुरादाबाद पुलिस के अधिकारियों के होश उड़ा दिए। 

आनन-फानन में पुलिस ने तहरीर को आधार बनाकर न सिर्फ केस दर्ज किया, बल्कि उस परिस्थित, कारण व वजह की तलाश भी शुरू कर दी, जिसके वशीभूत होकर एक रोहिंग्या मुसलमान को पासपोर्ट जारी कर दिया गया।  मामले की तह तक पहुंचने के उद्देश्य से कांठ थाने की पुलिस ने अकबरपुर चेंदरी गांव में डेरा डाल दिया है। मोहम्मद फारूक उर्फ मोहम्मद इस्माइल का वजूद गांव में तलाशा जा रहा है। पूछताछ में पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोहम्मद फारुख का गांव में वह सरपरस्त कौन है? 

मुरादाबाद में वर्षों से चल रहा फर्जी पासपोर्ट बनाने का खेल 
मुरादाबाद में फर्जी पासपोर्ट बनाने काला कारोबार पुराना है। पुलिस व स्थानीय अभिसूचना ईकाई की आंख में धूल झोंक जालसाज फर्जी पासपोर्ट बनवाने में सफल रहे हैं। हालांकि, यह पहला मौका है, जब किसी विदेशी ने खुद को मुरादाबाद का नागरिक बताकर फर्जी पासपोर्ट हथिया लिया। यही वजह है कि कानून के रखवालों के हाथ पांव फूले हुए हैं। वर्ष 2020 में रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र में पांच हिस्ट्रीशीटरों द्वारा फर्जी पासपोर्ट बनवा कर विदेश घूमने का मामला प्रकाश में आया था। उक्त मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। मुरादाबाद की सिविल लाइंस पुलिस ने फर्जी प्रपत्रों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में 2021 में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। दोनों ही मामले फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन हैं। पासपोर्ट बनवाने में स्थानीय पुलिस व एलआईयू की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। दोनों ही एजेंसियों के बगैर सत्यापन पासपोर्ट जारी नहीं होता। ऐसे में जब फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। तब सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। हालांकि एसएसपी ने मामले की जांच का आदेश दिया है।

ये भी पढ़ें :  रोहिंग्या मुसलमान ने मुरादाबाद में बनवाया फर्जी पासपोर्ट, पांच साल बाद तेलंगाना पुलिस ने किया भंडाफोड़

संबंधित समाचार