काशीपुर: शिक्षकों के अभाव में गृह परीक्षा पर मंडराया संकट

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Edited By Amrit Vichar
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काशीपुर, अमृत विचार। बोर्ड परीक्षाओं में राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगने से गृह परीक्षा कराना चुनौती से कम नहीं होगा। प्रधानाध्यापक उच्चाधिकारियों के निर्देश का पालन करते हुए दोनों ही परीक्षाएं महत्वपूर्ण होने की बात कर रहे हैं। 

ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 329 और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 124 शिक्षक तैनात हैं। गुरुवार से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो गई है। इसमें ब्लॉक के राप्रावि और राउप्रावि के 185 से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।

करीब 50 से अधिक शिक्षक सीसीएल अवकाश पर चल रहे हैं। कई ऐसे स्कूल हैं, जिनमें मात्र हेड मास्टर ही रह गए हैं। शुक्रवार से कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं की गृह परीक्षा प्रस्तावित है, जो 23 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा कराने के लिए हेड मास्टर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कुछ विद्यालयों के हेड मास्टर और शिक्षकों में भारी रोष देखा जा रहा है, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रजपुरा रानी के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि स्कूल में 121 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। हेड मास्टर समेत पांच का स्टाफ है। तीन शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है। साथ ही नगर निगम से एक शिक्षक की डिमांड आई है। गृह परीक्षा कराने में समस्या तो होगी, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश का पालन करना पड़ेगा। राप्रावि जैतपुर घोसी की प्रधानाध्यापक रीना तोमर ने बताया कि विद्यालय में 6 शिक्षक हैं। दो की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा और एक की ड्यूटी नगर निगम में लगी है।

विद्यालय में करीब 237 विद्यार्थी है। गृह परीक्षा कराने में समस्या होगी, लेकिन दोनों ही परीक्षा महत्वपूर्ण है। राप्रावि गांधी नगर खत्ता के प्रभारी प्रधानाध्यापक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि विद्यालय में 21 बच्चे हैं। मानक के अनुसार एक सहयोगी शिक्षक है। उनकी ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है। राप्रावि रेलवे टांडा प्रधानाध्यापक शैलेश कुमार ने बताया कि तीन शिक्षक सीसीएल अवकाश पर हैं। 


गृह परीक्षा कराना एक चुनौती
काशीपुर। अनुसूचित जाति/जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हरिओम सिंह ने कहा कि अधिकांश स्कूलों में हेड मास्टर को छोड़कर शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगाई गई है। ऐसे में शुक्रवार से शुरू होने वाली गृह परीक्षा शांति पूर्ण संपन्न कराना एक चुनौती होगा।

उन्होंने कहा कि मेरी ड्यूटी करीब आठ किमी दूर शिवलालपुर अमरझंडा में लगाई गई है। जिस दिन परीक्षा नहीं होगी उस दिन शिक्षकों को स्कूल में ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन माध्यमिक स्कूलों के कुछ शिक्षक नहीं जाते हैं। उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई तक नहीं होती है। उन्होंने प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के साथ दोहरा व्यवहार अपनाया का आरोप लगाया है।

अपरिहार्य स्थिति में लगाई जा सकती है ड्यूटी
काशीपुर। नैनीताल जिले में माध्यमिक शिक्षकों के अलावा किसी और को कक्ष निरीक्षक बनाने से पहले संबंधित विकासखंड के अधिकारियों से अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। यह निर्णय हल्द्वानी में केंद्र व्यवस्थापकों और विभागीय अधिकारियों की बैठक में लिया गया था। जिसमें कहा गया था कि अपरिहार्य स्थिति में ही इन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकेगी।


कुछ शिक्षक सीसीएल पर गए हुए हैं। शिक्षकों की कमी है। राप्रावि और राउप्रावि के शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाई गई है। यह परीक्षा भी महत्वपूर्ण है, लेकिन दोनों परीक्षाओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।
- आरएस नेगी, बीईओ, काशीपुर

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