Cyber Fraud : साइबर ठग ने निकाला नया तरीका… यह करने से बचे, नहीं तो आप भी हाे सकते शिकार
साइबर ठग नए तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे।
साइबर ठग अब नए तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे। साइबर ठगों के पैतरे में फंसकर रोजाना चार लोग ठगी के शिकार हो रहे। ठगी से बचने के लिए जनता को पुलिस को बचाना पड़ेगा।
कानपुर, [गौरव श्रीवास्तव]। ओटीपी पूछकर ठगी करने वाले साइबर ठग समय के बाद अपडेट हो गए हैं। साइबर ठगों ने ठगी करने का तरीका ही बदल दिया है। इन दिनों खासकर पढ़े लिखे युवा वर्ग को ठग अपना शिकार बना रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों से भी ठगी के कई मामले सामने आए हैं। दूसरा पैनकार्ड और अन्य दस्तावेज अपडेट करने के नाम पर संदेश भेजकर धड़ल्ले से ठगी की जा रही है। साइबर ठगों पर नकेल कसने का दावा करने वाली कानपुर कमिश्नरेट पुलिस कई बड़े मामलों का पर्दाफाश कर चुकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हर दिन चार लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
केस-1
प्रिंसिपल से ठगी कर पार किए तीन लाख
नवाबगंज थानाक्षेत्र निवासी महिला से साइबर ठगों ने लगभग तीन लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता की तहरीर पर नवाबगंज थाने में अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आजाद नगर निवासी अल्का माली एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनका बैंक ऑफ बड़ौदा की तिलक नगर स्थित शाखा में बैंक अकाउंट है। कुछ दिन पहले उन्होंने तीन लाख रुपये लिमिट का क्रेडिट कार्ड बनवाया था। जिसके बाद उन्हें बैंक से फोन आया और डिटेल बताने को कहा गया। आरोप है कि डिटेल बताते ही उनके खाते से 2.97 लाख रुपये कट गए।
केस-2
सीओडी कर्मी के खाते से एक लाख पार
सीओडी कर्मी से प्रयागराज से कोरियर का सामान भेजने के नाम पर एक लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई थी। बैंक कालोनी बर्रा निवासी विजय कुमार गुप्ता ने बताया था कि उनका कोरियर के माध्यम से प्रयागराज से कुछ सामान आना था। जो 10 अक्टूबर वर्ष 2022 को प्रयागराज से भेजा गया था। जो 13 अक्टूबर 22 तक नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने कोरियर कंपनी के लैंडलाइन नंबर में संपर्क करने का प्रयास किया। इसके बाद उनके मोबाइल पर फोन आया। जिसने खुद को कोरियर कंपनी का डिलीवरी मैन बताया। फिर उसने झांसे में लेकर तीन रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करने को कहा। इस पर उस ठग के बताए तरीके से अपने एटीएम से तीन रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद 14 अक्टूबर को खाते से एक लाख रुपये 10 बार में निकल गए। बताया कि इसका ओटीपी भी मोबाइल में आया। बताया कि धोखाधड़ी की आशंका पर ओटीपी साझा नहीं किया। फिर अपनी बैंक शाखा में जाकर खाते में रोक लगवाने के साथ ही एटीएम लाक करवा दिया। मामले की शिकायत साइबर सेल हेल्पलाइन 1930 में दर्ज कराई।
साइबर ठगी से बचने के उपाय :
- अनजान लिंक पर किसी भी कीमत पर क्लिक न करें।
- एटीएम का पासवर्ड व ओटीपी करीबी को भी शेयर न करें।
- कॉल आने पर कोई व्यक्ति लाटरी लगने या कुछ फ्री मिलने की बात कहे तो समझ लीजिए फ्रॉड कॉल है।
- केवाईसी अपडेट या फिर पैनकार्ड अपडेट करने के लिए कॉल आए।
- रोजाना 4 लोग साइबर ठगी का हो रहे शिकार।
साइबर ठगी पर ये करें :
- तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं
- बैंक को पूरी घटना के बारे में जानकारी दें, खाते को फौरन ब्लॉक कराएं
- नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर प्राथमिकी दर्ज कराएं
- हर थाने पर साइबर हेल्प डेस्क बनी हुई है, वह आपकी पूरी मदद करेंगी
- अनजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें
- अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल न उठाएं।
- दस्तावेज के लिए फोन पर कोई अपडेट नहीं होता, इसके लिए जनसुविधा केंद्र पर जाएं।
साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस सही समय पर सूचना देना चाहिए और सही जानकारी देनी चाहिए। साइबर ठग पहले लालच देते हैं और फिर फंसाकर ठगी करते हैं। पुलिस लगातार ठगों पर शिकंजा कसने का काम कर रही है।- आनंद प्रकाश तिवारी, संयुक्त पुलिस आयुक्त
