Chaitra Navratri 2023 : इस बार पूरे नौ दिन के होंगे नवरात्रि, 110 वर्षों बाद बना महासंयोग, ऐसे करें पूजा

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Edited By Amrit Vichar
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Chaitra Navratri 2023 इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्रि होंगे।

Chaitra Navratri 2023 इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्रि होंगे। कानपुर में मां के नौ स्वरूपों की विधि विधान से तैयारियों को लेकर भक्त उत्साहित हैं। वहीं, मंदिरों में भी सप्ताह भर पहले से तैयारियां दिखने लगी।

कानपुर, अमृत विचार। Chaitra Navratri 2023 मां दुर्गा इस नवरात्र नौका पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिषों के अनुसार यह एक बहुत ही शुभ संकेत है। वैसे तो मां दुर्गा सिंह की सवारी करती हैं, लेकिन नवरात्रि के पावन दिनों में धरती पर आते समय उनकी सवारी बदल जाती है। 22 मार्च से नवरात्र शुरू हो जाएंगे, जो 30 मार्च तक रहेंगे। भक्त इन दिनों में व्रत रखने के लिए सप्ताह भर पहले से ही तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं मंदिरों में भी पूजा पाठ सहित अन्य कार्यक्रमों को लेकर तैयारी शुरू हो गई है।
 
इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इन नौ दिनों में माता रानी की पूजा-अर्चना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। इस बार की चैत्र नवरात्रि को बेहद ही खास माना जा रहा है, क्योंकि ये पूरे 9 दिन की होगी। इस साल 22 मार्च से लेकर 30 मार्च तक नवरात्रि है और 31 मार्च को दशमी के दिन पारण होगा। शास्त्रों के अनुसार, पूरे नौ दिन की नवरात्रि शुभ मानी जाती है।
 
इसके अलावा इस बार मां दुर्गा का आगमन नाव यानी नौका पर हो रहा है। यह भी एक प्रकार का शुभ संकेत है। वैसे तो मां दुर्गा सिंह की सवारी करती हैं, लेकिन नवरात्रि के पावन दिनों में धरती पर आते समय उनकी सवारी बदल जाती है। मां जगदंबे की सवारी नवरात्रि के प्रारंभ होने वाले दिन पर निर्भर करती है। नवरात्रि का प्रारंभ जिस दिन होता है, उस दिन के आधार पर उनकी सवारी तय होती है। 
 
ज्योतिष पंडित मनोज कुमार द्विवेदी बताते हैं कि इस बार नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं। देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन नौका पर होगा। नौका पर मां दुर्गा का आगमन बहुत ही शुभ होता है. नौका पर मां के आगमन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि में विधि-विधान से माता की पूजा करने से भक्तों को हर कार्य में सफलता मिलती है। पं. द्विवेदी ने बताया कि यह बेहद खास है कि इस बार संपूर्ण नौ दिन नवरात्र है।
 
इसमें तिथियों की घटबढ़ नहीं है। प्रतिपदा तिथि 21 मार्च रात में 10 बजकर 53 मिनट पर लग जाएगी। 22 मार्च को सूर्योदय के साथ नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होगी। नौका पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा भक्तों के लिए सुख-समृद्धि कारक बनेंगी। मां के नौ स्वरूपों की पूजा होगी। इस बार तीन सर्वार्थ सिद्धि, तीन रवि योग, दो अमृत सिद्धि योग और गुरु पुष्य का महासंयोग बन रहा है।
 
चैत्र प्रतिपदा से ही नवसंवत्सर का प्रारंभ होता है, माना जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने पृथ्वी की रचना की थी। इसलिए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इस वर्ष के राजा बुद्ध और मंत्री शुक्र ग्रह होंगे। इससे शिक्षा के क्षेत्र में काफी कुछ बेहतर रहेगा। महिलाओं के लिए यह वर्ष प्रेरणादायक व विशेष उत्थान के संकेत दे रहा है। 
 

ये हैं इस बार संयोग

योग कब
सर्वार्थ सिद्धि 23, 27 और 30 मार्च
अमृत सिद्धि 27 और 30 मार्च
रवि योग 24, 26 और 29 मार्च
 

राम जन्म का महासंयोग इस बार रामनवमी में

इस बार नवरात्र में राम नवमी पर महासंयोग बन रहा है। 30 मार्च को गुरु पुष्य योग बन रहा है। ज्योतिष इसे इसलिए भी महान मानते हैं, क्योंकि इस योग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था। पंडित मनोज द्विवेदी बताते हैं कि रविवार या गुरुवार को जब भी रामनवमी होती है, तब यह योग बनता है।
 

इस बार नवरात्र में संपूर्ण नौ दिन

22 मार्च को पहला दिन मां शैलपुत्री पूजा
23 मार्च को दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी पूजा 
24 मार्च को तीसरा दिन मां चंद्रघंटा पूजा 
25 मार्च को चौथा दिन मां कुष्मांडा पूजा 
26 मार्च को पांचवां दिन मां स्कंदमाता पूजा 
27 मार्च को छठवां दिन मां कात्यायनी पूजा 
28 मार्च को सातवां दिन मां कालरात्रि पूजा 
29 मार्च को आठवां मां महागौरी की पूजा
30 मार्च नवमी मां सिद्धिदात्री की पूजा

 

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