उन्नाव, अमृत विचार। पिता और पति दोनों ही रिश्ते ऐसे होते हैं जिनके साथ रह कर कोई भी महिला या बच्ची अपने को सबसे सुरक्षित महसूस करती है। हलांकि बीती रात बारासगवर थाना क्षेत्र के रूदीखेड़ा गांव में हुई वारदात ने इस भरोसे पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। सिरफिरे पति ने कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ सात वार कर पत्नी को मौत की नींद सुला दिया दिया। इसके बाद उसने नृशंसता की सारी हदे पार करते हुए चार माह की अपनी ही बेटी की चाकू से उंगलियां काटी और उसके बाद उसी से उसका गला रेंत दिया और फिर पत्नी की साड़ी के फंदे से लटककर खुद भी जान दे दी।
शवों के हुए पोस्टमार्टम में यह दिल दहला देने वाली कहानी सामने आयी है। खास बात यह पति पत्नी के पेट में खाना भी मिला है जिससे स्पष्ट है कि खाना खाने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना में एसपी, एएसपी ने गांव पहुंच कर घटना स्थल का मौका मुआयना किया और परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई। एक घर के तीन लोगों की वीभत्स मौत से गांव में मातम पसरा है।
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बारासगवर थानाक्षेत्र के रूदीखेड़ा गांव निवासी सेवानिवृत्त लेखपाल श्यामलाल के बेटे मोहन कुमार का शव रविवार रात घर के अंदर साड़ी के फंदे से लटका मिला था जबकि वहीं पास में बहू सीमा व चार माह की पौत्री बिट्टो का रक्त रंजित शव फर्स पर पड़ा मिला था। अंदर से दरवाजा बंद होने और आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का मंजर देख लोगों की रूह कांप गयी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर घटना के प्रयुक्त कुल्हाड़ी और चाकू बरामद की थी।
एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना और एएसपी शशिशेखर ने गांव पहुंच परिजनों और ग्रामीणों से बात कर जानकारी जुटाई। फील्ड यूनिट बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य संकलन भी कराया गया। एएसपी शशि शेखर ने बताया कि मृतक के छोटे भाई की तहरीर पर 174 सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम में युवक की मौत हैंगिंग से जबकि उसकी पत्नी की मौत कुल्हाड़ी के गर्दन पर सात वार से हुई है। वहीं मासूम की मौत गला रेते जाने के चलते हुए अत्यधिक रक्तस्राव के चलते हुई है। पोस्टमार्टम में सीमा के पेट में तीन सौ ग्राम जबकि मोहन कुमार के पेट में चार सौ ग्राम खाना पाया गया है। खाना खाने के तकरीबन एक घंटे बाद हत्या का अनुमान लगाया जा रहा है।
पत्नी बच्ची के साथ अलग मकान में रहता था मोहन
सबसे छोटे भाई सोहन ने बताया कि हम चार भाई अनिल, सुनील व मोहन थे। सभी के मकान अलग.अलग हैं। मां शांति देवी व पिता श्यामलाल उसके साथ ही रहते हैं। सबसे बड़ा भाई अनिल गुजरात के अहमदाबाद में है। जबकि दूसरे नंबर का भाई सुनील शिक्षक है जिसकी तैनाती हिलौली ब्लाक में है वह परिवार के साथ उन्नाव में रहता है।
गांव में चल रहे यज्ञ में पत्नी के साथ हुआ था शामिल
छोटे भाई ने बताया कि मोहन गांव में चल रहे यज्ञ में पत्नी सोनी और बेटी के साथ रविवार दिन में शामिल होने गया था। दोनों ने वहां यज्ञ स्थल की परिक्रमा करने के बाद प्रसाद भी चढ़ाया था। काफी देर वहां रुकने के बाद दोनों घर लौटे थे।
सबसे बड़े भाई का भी ठीक नहीं मानसिक संतुलन
छोटे भाई सोहन ने बताया कि सबसे बड़े भाई अनिल और मोहन का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। घर में दोनों का लखनऊ पीजीआई से इलाज कराने की बात भी चल रही थी। उससे पहले ही यह घटना हो गई।
नौकरी न मिल पाने से रहता था अवसादग्रस्त
मृतक मोहन की भी शिक्षक बनने की इच्छा थी। उसने बीएड करने के बाद टीईटी की परीक्षा दी थी लेकिन वह पास नहीं हो पाया था। परीक्षा की तैयारी उसकी लगातार जारी थी। नौकरी न मिलने के कारण वह अवसादग्रस्त रहता था।
कहीं आर्थिक अक्षमता की कुंठा तो नहीं रही घटना की वजह!
मोहन बेरोजगार था। खेती में हाथ बंटाने के साथ ही वह नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था। इसी बीच घर वालों ने 25 नवंबर-21 को उसकी शादी भगवंतनगर चौकी क्षेत्र के नरेंद्रपुर गांव निवासी सीमा से कर दी। हालांकि, पिता उसके घर का सारा खर्च चला रहे थे। इसक बाद भी पत्नी व बच्ची की जरूरत पूरा करने में आर्थिक अक्षमता से भी वह कुंठित था। लोगों का मानना है कि शायद इसी कुंठा से यह घटना कारित हुई है।