शाहजहांपुर: कर्ज में डूबे किसान ने फंदे पर लटक कर दी जान, मचा कोहराम
गांव के बाहर खेत पर लटका मिला शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा
खुटार, अमृत विचार। क्षेत्र के गांव रजमना निवासी महानंद कुशवाहा (52) का शव रविवार रात को खेत में पेड़ से फंदे पर लटका मिला। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजनों ने शव को फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
किसान महानंद कुशवाहा की पत्नी मनोरमा देवी ने बताया कि उनका खेत सिमरई और रजमना के बीच में है। खेत में गेंहू, मटर और सब्जी आदि फसल कर रखी है। रविवार रात करीब आठ बजे पति घर से खेत जाने की बात कहकर निकले थे। कहा था कि खेत में आवारा पशु घुसकर फसल चर जाते हैं। लेकिन समय अधिक होने के बाद घर नहीं लौटे तो चिंता हुई।
इसके बाद परिजन गांव के लोगों के साथ खेत की ओर टार्च लगाते हुए तलाश करने गए। जहां खेत में पेड़ से महानंद कुशवाहा का शव फंदे पर लटका हुआ था। यह खबर लगते ही भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई और परिजनों से पूछताछ की।
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक की पत्नी मनोरमा देवी ने बताया कि पति के ऊपर घर की जिम्मेदारी थी। पति को बैंक से लिए गए लोन चुकता करने, बेटियों की शादी, बीमारी और बेटे की पढ़ाई के साथ ही गिरवी रखे चार एकड़ खेत को छुड़ाने की चिंता सता रही थी। इन समस्याओं के बोझ तले दबे पति ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। पति ने दिसंबर माह में ट्रॉली भी बेच दी थी, ताकि कर्ज का कुछ बोझ कम हो सके। पर कर्ज से छुटकारा नहीं मिल पाया। मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
मई माह में बेटी को करना था विदा
महानंद कुशवाहा ने अपनी चार बेटी ममता, रीता, सरिता लवली की शादी कर दी थी। लेकिन अभी भी बबली, सुरभि, रोजी और एक बेटा दीपेंद्र कुमार कुशवाहा की शादी की जिम्मेदारी थी। महानंद ने कुछ माह पूर्व बबली की शादी जनपद पीलीभीत के थाना पूरनपुर के गांव सिरसा में तय की और आने वाले मई माह में शादी होनी है। मृतक की पत्नी मनोरमा देवी ने कहा कि बेटी बबली के हाथ पीले करने से पहले ही पति की मौत हो गई। अब बेटी शादी कैसे होगी।
बीमार चल रही है छठी बेटी
मनोरमा देवी ने बताया कि उनकी छठी बेटी सुरभि कई माह से बीमारी चल रही है। पति ने लोगों से रुपये उधार लेकर बेटी का इलाज कराया। लेकिन कर्ज अदा नहीं हो सका और न ही बेटी सही हो पाई है। अब पति की मौत के बाद बेटी का इलाज कैसे हो सकेगा।
पिता के मौत की खबर लगने पर छोड़ दी बेटे ने परीक्षा
मनोरमा देवी ने कहा कि उसका बेटा दीपेंद्र कुशवाहा फर्रुखाबाद में बीएससी कर रहा है। दो दिन पहले वह कॉलेज चल गया था। आने वाले मंगलवार को परीक्षा शुरू है। लेकिन रविवार रात को पिता की मौत की खबर बेटे को हुई तो सोमवार सुबह घर लौट आया। जिससे अब परीक्षा दे पाना मुश्किल है।
ग्रामीण बैंक से लिया था कर्ज
महानंद कुशवाहा ने खुटार पुवायां मार्ग पर स्थित ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक से कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने को लेकर परेशान रहते थे। ग्रामीण बैंक के असिस्टेंट मैनेजर साहिल ने बताया कि महानंद कुशवाहा ने वर्ष 2010 में एक लाख रुपये का लोन लिया था। वर्ष 2019 में लोन जमा कर दिया और बाद में फिर से डेढ़ लाख रुपये का लोन ले लिया था। वर्ष 2022 में फिर से जमा कर डेढ़ लाख का लोन निकाला था। वर्ष 2023 में महानंद कुशवाहा पर एक लाख, बासठ हजार, एक सौ तेरह रुपये बाकी है।
सूचना मिली थी पुलिस को मौके पर भेजा गया था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पत्नी के मुताबिक कर्ज अदा करने की चिंता और परिवार की जिम्मेदारियों की वजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजनों द्वारा कोई भी तहरीर नहीं दी गई है---ओमप्रकाश, थानाध्यक्ष खुटार।
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