Karauli Baba: कुर्ता-पायजामा हरी टोपी वाला संतोष के बाबा बनते ही ठाठबाट चर्चा, सनिगवां के पास बना आलीशान आश्रम
कानपुर में करौली बाबा का सनिगवां के निकट भव्य आश्रम बना है।
कानपुर में करौली बाबा के सनिगवां के निकट भव्य आश्रम बना है। कुर्ता-पायजामा हरी टोपी वाला संतोष के बाबा बनते ही ठाठबाट चर्चा है। भूत पिशाच पर बाबाओं के चमत्कारी करतब के करौली बाबा विरोधी हैं।
कानपुर, अमृत विचार। संतोष भदौरिया उर्फ करौली बाबा प्रवचन में भूत पिशाच पर चमत्कारी करतब के विरोधी है। वह सवाल उठाते हैं कि जब भूत पिशाच निकट नहीं आवैं, महावीर जब नाम सुनावैं, चौपाई लिखी गयी है तो फिर चमत्कारी करतब क्यों? बाबा के अनुयायी कहते हैं कि यह सब बालाजी भगवान के नाम पर चमत्कार का दावा करने वाले बाबाओं पर परोक्ष टिप्पणी है। करौली बाबा के चेले इसे बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री से भी जोड़कर देखते हुए कहते हैं कि हो सकता है कि सिद्धार्थ एक षड़यंत्र के तहत दाखिल हुआ हो। खुद करौली बाबा का मीडिया से कहना है कि 22 फरवरी की घटना बतायी जा रही है तो फिर 20 मार्च को एफआईआर क्यों? आश्रम पहुंचे मीडिया वालों से बाबा ने बेलौस बातचीत की।
उनके चेहरे पर निडर करौली बाबा संतोष भदौरिया का आश्रम फिल्मों जैसे आश्रम का लुक वाला है। विशाल भूभाग में बने आश्रम का विस्तार जारी है। हालांकि आश्रम के गेट पर खास सिक्योरिटी नहीं है पर करौली बाबा के चेले सक्रिय दिखाई दिए। भव्य आश्रम का प्रवचनस्थल पर मोटा बुलेटप्रूफ शीशा जैसा गोला जिसके पीछे करौली बाबा बैठकर प्रवचन देते हैं। बताते हैं कि यहीं तक पहुंचने पर डॉक्टर सिद्धार्थ को बाबा के अंगरक्षकों ने पकड़कर बाहर कर दिया। आश्रम में बाबा ने वीआईपी प्रवेश और वीआईपी भक्तों के उठने बैठने आदि की अलग से व्यवस्था कर रखी है। सनिगवां के निकट इस आश्रम के विस्तार के प्रयास जारी है।
मैलाकुचैना कुरता पाजामा हरी टोपी पहनकर धरना प्रदर्शन करने वाला संतोष भदौरिया के करौली बाबा बनने की कहानी बहुत पुरानी नहीं है। 1989 से 95 तक का आपराधिक इतिहास रहा फिर राजनीतिक शरण की तड़प ने उसे शिवसेना से भारतीय किसान यूनियन तक पहुंचा दिया। करीबी सूत्र बताते हैं कि जमीन का भी खेल खेला गया और बाबा ट्रस्ट के नाम पर दान दक्षिणा भी लेते हैं। आश्रम संचालकों का दावा है कि बाबा के 17 देशों में चेले हैं।
