Kanpur: CSJM के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेली बोलीं- विकास के लिए बनाना होगा 10 साल का विजन प्लान
कानपुर के सीएसजेएमयू यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 91 मेधावियों को पदक दिए।
कानपुर के सीएसजेएमयू यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 91 मेधावियों को पदक दिए। इसमें राधा गुप्ता को कुलाधिपति स्वर्ण पदक मिला।
कानपुर, अमृत विचार। समाज के लिए कुछ कार्य करना होगा। पर्यावरण, जल, ऊर्जा संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएं। युवाओं को दहेज न लेने की प्रतिज्ञा लेनी होगी। विकास के लिए 10 साल का विज़न प्लान बनाना होगा। यह बात राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कही। वह बुधवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहीं थी। उन्होंने बताया कि आज विश्व जल दिवस है। जल सहभागिता के बिना जल संकट को दूर नहीं किया जा सकता है।
प्रत्येक व्यक्ति को जल की बचत करनी होगी। देश मे हर घर नल, शौचालय पर कार्य हो रहा है। 25 मार्च को अर्थ ओवर डे है। इस दिन एक घंटे के लिए ऊर्जा की बचत करना है। राज्यभवन कई वर्षों से करते आ रहा है। आज का दीक्षांत समारोह है। कई लोगों को मेडल मिला है। कुछ को नहीं, लेकिन हिम्मत नहीं हारना चाहिए। यहां आज डीजी लॉकर में डिग्री चली गई है। अब बार बार यूनिवर्सिटी में आने की जरूरत नहीं है। जिन छात्रों को मेडल नहीं मिला है, उन्हें परेशान नहीं होना है। में कहती हूं कि सभी को मेडल मिला है।
आप ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे की जिंदगी में कुछ गलत हो। समाज कार्य करें, जल संरक्षण करें। पर्यावरण बचाएं। गांव की समस्या देखें। इसीलिए डिग्री मिली है। दारू पीकर माता, पिता, बेटी, पत्नी को पीटना है, यह गलत है। अभी मैंने सुना है डीएम बन गए, एसपी बन गए, जितनी बड़ी डिग्री उतना अधिक दहेज। इन समस्याओं और कुरीतियों को दूर करने के लिए ही डिग्री मिली है। आज लड़कियों को भी मना करना है कि उस घर में शराब पी जाती है, वहां शादी नहीं करनी है। आज कल बहुओं को नहीं उसके दहेज को देखने के किये लोग आते हैं।
लड़कों को भी दहेज के लिए मना करना होगा। माता पिता को कहना होगा कि अब दहेज नहीं चाहिए। कहां गए यह संस्कार। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दहेज के खिलाफ खूब अभियान चलाया। एक बेटी का बाप पैसा देकर खरीदता है, अच्छा लगता है। समाज मे ऐसे लोगों का उदाहरण देना चाहिए, जिससे समाज मे बदलाव हो। जब तक स्वयं सेवा नहीं करेंगे, तब तक समाज मे बदलाव नहीं आएगा। हम लोगों पर विश्वास नहीं होता है। सेवा तब होगी जब बेटा मां को गिलास का पानी देगा, लेकिन अभी उल्टा होता है। पानी की जो कठिनाई है।
हर जिलों में 75 अमृत तालाब बनाया जा रहा है। विश्वविद्यालय में भी बना है। हमें सेल्फ सस्टेनवबल होना होगा। अभी 10 साल का विज़न प्लान बनाना होगा। अभी तीन साल के बाद वीसी चले गए, कुछ पता नहीं चला। हर यूनिवर्सिटी, संस्थानों, सरकारों का 10 वर्ष का विज़न प्लान होता है। अभी नैक प्रमाणीकरण के लिए जाना है। सीएसजेएमयू पीछे नहीं रहना चाहिए। ए प्लस प्लस लाना होगा। सही ढंग से लिखना, बनाना होगा, तैयारी कीजिये। क्वालिटी एजुकेशन लानी होगी। अभी एक हजार यूनिवर्सिटी में भी हमारी एक भी यूनिवर्सिटी नहीं है।
इसमें अनुशासन की कमी है। कोई एक ओर जा रहा है तो दूसरा अलग। एक अच्छा वातावरण होना चाहिए। शायद 80 फीसद बेड़ियों ने मेडल जीता। 20 प्रतिशत वाले क्या करते हैं। इसकी स्टडी तो कराएं। क्या कोई पान खाते हैं। या हाई लेवल की सोच रखते हैं। 10 सालों में सिर्फ बेटियां ही शिक्षक रहेंगी। लड़कियां सोच रहीं हैं। लड़कों को भी आगे लाने के लिए मेहनत करनी होगी। समारोह में उन्नाव के रघुराज राम गोपाल महाविद्यालय की छात्रा राधा गुप्ता को समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक व कुलाधिपति रजत पदक से सम्मानित किया गया, जबकि 59 मेधावियों को 91 पदक दिए गए।
मेधावियों को मिले पदक
कुलाधिपति स्वर्ण पदक :-
राधा गुप्ता, रघुराज राम गोपाल महाविद्यालय, सुमेरपुर, उन्नाव
कुलाधिपति रजत पदक:-
अनीता, चौ. चरण सिंह डिग्री कॉलेज, हैवरा, इटावा
राधा गुप्ता, रघुराज राम गोपाल महाविद्यालय, सुमेरपुर, उन्नाव
कुलाधिपति कांस्य पदक(शीर्ष चार):-
1. शैंकी पटेल महावीर प्रसाद मायावती महाविद्यालय, हरदोई
2. वैष्णवी मौर्या, महावीर प्रसाद मायावती महाविद्यालय, हरदोई
3. प्रीति, आरएमपीपीजी कॉलेज, सीतापुर
4. साक्षी पटेल, प्रकाश महाविद्यालय, बरौना, हरदोई
कुलपति स्वर्ण पदक(शीर्ष चार):-
1. शैंकी पटेल, महावीर प्रसाद मायावती महाविद्यालय, हरदोई
2. शालू पटेल, प्रकाश महाविद्यालय, बरौना, हरदोई
3. अभिनव गुप्ता महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, हरदोई
4. याशमी यादव एसएस मेमोरियल महाविद्यालय, ताखा, इटावा
शिक्षिका बनना चाहती हैं राधा : रायबरेली की राधा को कुलाधिपति स्वर्ण पदक समेत छह पदक हासिल हुए। शिक्षा के क्षेत्र में कुछ कर गुज़रने का जज्बा रखने वाली राधा शिक्षिका बनना चाहती हैं। उनके मुताबिक वह कॉलेज दिनों में रोज 26 किलोमीटर का फासला तय कर कॉलेज आती और जाती थी। रायबरेली के महारानीगंज की रहने वाली राधा का घर कॉलेज करीब 13 किमी दूर है। उन्होंने उन्नाव के रघुराजा राम गोपाल महाविद्यालय से बीएड की पढ़ाई की है। बीएड में पढ़ाई के दौरान 1100 में 1073 अंक लाकर 97.54 फीसदी से पास की है।
गल्ला कारोबारी पिता दुर्गा प्रसाद अग्रहरि गांव में ही गल्ले का व्यापार करते हैं और मां पुष्पा गृहिणी हैं। तीन बहन व एक भाई में सबसे छोटी राधा ने बताया कि वह बचपन से सर्वश्रेष्ण प्रर्दशन कर मंच से पदक जीतना चाहती थी। घर में दिक्कत होने के कारण बीएससी में नंबर कम रह गए। फिर बीएड में दाखिला लिया तो शुरुआत से ही मेहनत की। कॉलेज के साथ घर पर आठ घंटे की पढ़ाई ये यह कामयाबी मिली है। राधा ने जिस कॉलेज से पढ़ाई की, उनका प्रदर्शन देखकर कॉलेज ने पढ़ाने का ऑफर दिया। वर्तमान में जिस कॉलेज से पढ़ी वहीं पर छात्रों को पढ़ा रही हैं। राधा के अनुसार उन्होंने आर्थिक समस्या देखी है, तो शिक्षिका बन कर वह बच्चों को निशुल्क पढ़ाना चाहती हैं।
मुख्य अतिथि के तौर पर परमार्थ निकेतन हरिद्वार के अध्यक्ष आध्यात्मिक गुरू स्वामी चिदानंद सरस्वती शामिल हुए, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी मौजूद रहीं। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, कुल सचिव डॉ. अनिल यादव, डीएसडब्ल्यू डॉ. नीरज सिंह समेत सभी अधिकारी शामिल रहे।
जल संरक्षण का दिया संदेश : शुरुआत जल संरक्षण के संदेश के साथ हुई। परिषदीय स्कूलों के कक्षा 5 से 8 तक के 30 स्कूली बच्चों और 25 आंगनबाड़ी केंद्रों की महिलाओं को सम्मानित किया गया।
नवीनीकरण और नामकरण हुआ :
विश्वविद्यालय परिसर के नवनिर्मित प्रेक्षागृह का नवीनीकरण एवं नामकरण भी समारोह में किया गया। नवनिर्मित सभागार में 75 स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। विश्वविद्यालय के अमृत सरोवर का शिलान्यास भी हुआ। सरोवर को नगर निगम एवं विश्वविद्यालय के सहयोग से निर्मित किया गया। पुरातन विद्यार्थियों के सहयोग से बनाए गए एक सेवा उद्यान का उद्घाटन भी गया।
बालगृह के बच्चे ने की शिरकत :
राजकीय बालगृह कानपुर के पांच बच्चों ने शिरकत की। बालगृह में पुरातन छात्र-छात्राओं के सहयोग से कम्प्यूटर लैब स्थापित की गयी है। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के इनोवेशन फाउंडेशन के तहत चल रहे छात्रों के स्टार्टअप्स का राज्यपाल ने अवलोकन किया।
विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी :
कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। शोध कार्य, प्रोजेक्ट, एमओयू, पुरस्कार आदि की जानकारी दी। आईआईटी और अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ चल रहे कार्यों के बारे में बताया। 16 पेटेंट और करीब चार करोड़ का रिसर्च बजट हासिल किया गया। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के क्षेत्र में प्लानिंग की जानकारी दी। विश्वविद्यालय में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा है। पेपरलेस वर्किंग शुरू हुआ है। स्टार्टअप पर कार्य हो रहा है। 61 प्लेसमेंट ड्राइव हुआ है।
खिलाडियों का हुआ सम्मान :
एशिया यूथ बॉक्सिंग में पदक विजेता तनीषा लांबा और रेस वॉकिंग के विजेता को सम्मानित किया गया।
सकरात्मक सोच के साथ बढ़ना होगा:
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी को सकारात्मक सोच के साथ आगे रखेंगे। हर व्यक्ति को नौकरी नहीं दी जा सकती है। आप नौकरी करने वाले नहीं, देने वाले बनेंगे, ऐसी उम्मीद है। तभी देश आगे बढ़ेगा। आप सब नौजवान है। सरकार बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर कार्य कर रहे हैं। अभी तक शिक्षा लेने, उपाधि लेने और पदक लेने की सोच रहे थे, अब जिम्मेदारी बढ़ी है। हम जीवन मे लगातार सीखते रहते हैं। समाज और आसपास से सीखते हैं। जीवन मे उपाधि पाकर नौकरी हासिल करना ही सार्थकता नहीं है, बल्कि देश के विकास में योगदान देना होगा।
अपनी भाषा पर गर्व करें :
उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हम जिस क्षेत्र से जुड़े हैं, वह सेवा के क्षेत्र से जुड़ा रहे। पिछले काफी समय से शिक्षा का स्तर काफी बिगड़ा हुआ था, खासतौर पर निचले स्तर पर। महामहिम के निर्देशों पर बदलाव हुआ है। प्रदेश के चार विश्वविद्यालय ने नैक में ए प्लस ग्रेडिंग हासिल की। ज्ञान अपनी भाषा मे मिलता है, तो सरल होता है। कोई भी भाषा ज्ञान का साधन हो तो बेहतर हो। अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए। यहां के शिक्षकों से गुजारिश है, हिंदी को बढ़ावा दें। समाज ने जो जिम्मेदारी दी है, वही राष्ट्रभक्ति है।
मेडल के पीछे नहीं भागें, मॉडल बनें :
मुख्य अथिति परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ओम असतो मां सदगमय... के साथ शुरुआत की। कहा कि मुझे बड़ी प्रसन्नता होती है कि जब इतनी ज्यादा शक्तियां मेडल के लिए स्टेज पर हैं। मैं सभी के भावों को देख रहा था। उन्होंने अपने जीवन को ही मॉडल बनाया। सदाबहार गवर्नर बनी। अपने गांव की पहली महिला पढ़ीं शिक्षिका बनी, मुख्यमंत्री और फिर राज्यपाल हुईं। आज मेडल से मॉडल की यात्रा करें। मॉडल के पीछे मत भागें। लोगों के दिलों को छुएं। सामाज को सिंचित करें नई दिशाओं और आदर्शों से। जब कुत्ते, बिल्ली और गधे अपनी भाषा बोलते हैं, तो मनुष्य क्यों नहीं मात्र भाषा बोलते हैं। लीडर न बनें, लेडर (सीढ़ी) बनें। राज्यपाल महोदया ने राज्यभवन में बदलाव कर दिया है। उनके सामाजिक कार्यों को प्रणाम करते हैं। कल अंतराष्ट्रीय वन दिवस था, आज जल संरक्षित दिवस है। आप डिग्री लें, मेडल लें, लेकिन अपनी जिम्मेदारी को मत भूलें। पेड़ लगाएं। पर्यावरण बचाएं। आने वाला समय संकट वाला हो सकता है। आज ही के दिन श्री रामचन्द्र जी का राज्य अभिषेक हुआ था, अब 2024 में उनका राष्ट्र अभिषेक भी होगा। आरएसएस के पहले संस्थापक डॉ. केशव राम हेडगेवार का जन्मदिवस है। देश में संस्कारों को बनाये रखें। पूजा करें, इबादत करें, लेकिन देश की हिफाजत भी करें।
