शोषित और वंचित समाज को समर्पित रहा लोहिया का जीवन :रामहर्ष यादव
बहराइच, अमृत विचार। समाजवादी चिंतक डा. राम मनोहर लोहिया की 113वीं जयंती पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर गुरुवार को सपा कार्यालय में मनाया गया। डा. लोहिया के व्यक्तित्व व कृत्तव पर प्रकाश डाला गया और देश की आजादी व नवनिर्माण मे उनकी भूमिका पर चर्चा की।
समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव एडवोकेट की अध्यक्षता मे गोष्ठी का आयोजन हुआ। संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव ने कहा कि डा० लोहिया का सम्पूर्ण जीवन दलित , शोषित , वंचित समाज को समर्पित रहा। समाज की अंतिम पंक्ति मे खड़े व्यक्ति के चहरे पर मुस्कान लाने के लिए वह जीवनभर पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ लड़ते रहे।
पूर्व विधायक रमेश गौतम ने कहा कि 1956 मे डा० बाबा साहेब अम्बेडकर व डा० लोहिया की मुलाक़ात हो गयी थी और सामाजिक व राजनैतिक विचारधारा समान होने के कारण दोनो महापुरुषों मे मतैक्य भी बन गया था। लेकिन 6 दिसंबर 1956 को बाबा साहेब की मृत्यु होने के कारण डा० लोहिया अकेले पड़ गये और सामाजिक परिवर्तन का दर्द डा० लोहिया अकेले झेलने को मजबूर हो गये।
सभा को पूर्व सासंद सावित्रीबाई फुले,बलहा के प्रत्याशी रह चुके अक्षयबर नाथ कनोजिया, सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व चेयरमैन तेजे खान , नि० जिला उपाध्यक्ष देवेश चंद्र मिश्रा, अनवर खा वारसी, नंदेश्वर नन्द यादव, सुनील यादव, शैलेश सिंह शैलू, मो० नाशिर नईम खान, संत कुमार पासी, लड्डन खान, एडवोकेट मंजू चौधरी, हर्षित त्रिपाठी, सुंदर लाल बाजपेयी ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व महामंत्री डा० आशिक अली ने किया। इस अवसर पर एडवोकेट आनंद सिंह सेंगर, एडवोकेट सुतीक्षण पाठक, चंद्र प्रकाश मिश्रा, गौरव यादव, डा० रमेश निषाद, कुंदन रावत, जुग्गी लाल यादव आदि उपस्थित रहे।
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