श्रीराम एयरपोर्ट निर्माण: भूमि अधिग्रहण के लिए नहीं बन पाई सहमति
अयोध्या, अमृत विचार। प्रस्तावित श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जिला प्रशासन भूमि अधिग्रहण की कवायद में जुटा हुआ है। कोरोना महामारी और राम मंदिर भूमिपूजन से फुर्सत मिलने के बाद सोमवार को एक बार फिर से जिला प्रशासन ने कवायद आगे बढ़ाने की शुरुआत की। प्रशासनिक अमला धर्मपुर गांव पहुंचा और किसानों से सहमति …
अयोध्या, अमृत विचार। प्रस्तावित श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जिला प्रशासन भूमि अधिग्रहण की कवायद में जुटा हुआ है। कोरोना महामारी और राम मंदिर भूमिपूजन से फुर्सत मिलने के बाद सोमवार को एक बार फिर से जिला प्रशासन ने कवायद आगे बढ़ाने की शुरुआत की। प्रशासनिक अमला धर्मपुर गांव पहुंचा और किसानों से सहमति हासिल करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बन सकी। जिला प्रशासन में किसानों को आपस में सलाह मशविरा के लिए 3 दिन की मोहलत दी है।
हवाई पट्टी को विस्तारित कर श्री राम एयरपोर्ट बनाने के लिए लगभग 600 एकड़ जमीन की जरूरत है। जिला प्रशासन की ओर से एयरपोर्ट की स्थापना के लिए हवाई पट्टी के आसपास जनौरा धर्मपुर आदि गांव के किसानों की जमीन चिन्हित की गई है। जिसका अधिग्रहण किया जाना है इसके लिए शासन से धनराशि भी जिला प्रशासन को अवमुक्त कर दी गई है।
हालांकि अधिग्रहण में सर्किल रेट का पेच फंसा हुआ है। जनौरा का सर्किल रेट ज्यादा है जबकि अन्य गांव का कम। इसी के चलते किसान समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। धर्मपुर के किसानों की जमीन का सर्किल रेट 8 लाख 40 हजार ही है। जबकि यहां के किसान जनौरा गांव जितना मुआवजा मांग रहे हैं।
सोमवार को जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी सदर के साथ पूरा राजस्व अमला और रजिस्टर धर्मपुर गांव पहुंचे तथा भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से सहमति हासिल करने की कोशिश की। हालांकि किसान इसके लिए खुले मन से तैयार नहीं हुए और सहमति के लिए हस्ताक्षर करने के पूर्व भी मौके पर खिसक गए।
जिला प्रशासन ने गांव के किसानों को 3 दिन की मोहलत दी है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि शासन से हर गांव का सर्किल रेट तय है नियम के मुताबिक सर्किल रेट के आधार पर ही मुआवजा दिया जाएगा। वहीं धर्मपुर के किसानों का कहना है कि बिना उचित मुआवजा मिले वह लोग अपनी जमीन श्री राम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए नहीं देंगे। इस दौरान अधिकारियों के अलावा लेखपाल,ग्राम प्रधान, किसान रामलौट तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, सुभाष तिवारी, धर्मेन्द्र तिवारी, ज्ञानेंद्र तिवारी बाबा, रामबक्श, राम एकबाल समेत अन्य मौजूद रहे।
