ब्राहृमणों को बीमा का प्रलोभन दे रही है भाजपा: मायावती

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिये गरीब ब्राहृमणों का बीमा कराने का प्रलोभन दे रही है। मायावती ने सोमवार को ट्वीट किया “ यूपी भाजपा सरकार द्वारा गरीब ब्राह्मणों का बीमा कराने की …

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिये गरीब ब्राहृमणों का बीमा कराने का प्रलोभन दे रही है। मायावती ने सोमवार को ट्वीट किया “ यूपी भाजपा सरकार द्वारा गरीब ब्राह्मणों का बीमा कराने की बात इस वर्ग के प्रति केवल अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिए ही लगता है, जबकि ब्राह्मण समाज को वास्तव में बीमा से पहले उन्हें सरकार से अपने मान-सम्मान एवं पूरी सुरक्षा की गारण्टी चाहिए।

सरकार इस ओर ध्यान दे तो बेहतर है।” दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने संकेत दिया था कि समाज का बुद्धिजीवी वर्ग के कल्याण के लिये उनकी सरकार जीवन बीमा का प्राविधान कर सकती है। द्विवेदी ने कहा कि भाजपा ब्राहृमणों के बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिये काफी कुछ कर रही है।

देश में ब्राहृमणों समेत सभी अग्रणी जातियों के लिये दस फीसदी आरक्षण की व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की जबकि इसके पहले काफी पार्टियां आयी और अगणी जातियों को लुभाने के लिये कई तरह के नारे दिये लेकिन इस बारे में किसी भी दल ने पहल नहीं की। उन्होने कहा कि ब्राहृमण मजबूत हो,उनको नौकरियां मिले।

इसके लिये भाजपा सरकार ने काफी इंतजाम किये। इसके पहले आयोग में एक जाति विशेष की भर्ती को तवज्जो दी जाती थी। नौकरी शिक्षा में जाति विशेष की तरफदारी की जाती थी लेकिन आज भाजपा ब्राहृमण समेत तमाम वर्गो की भलाई के लिये सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर काफी काम कर रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार समाज के इस तबके के लिये जीवन बीमा समेत तमाम क्षेत्रों में काम कर रही है कि अगर उनके घर का कोई सदस्य नहीं रहता है तो उस परिवार के सदस्यों का भरण पोषण हो सके। उन्हे अच्छी नौकरी मिले। उन्होंने कहा कि समाज का बुद्धिजीवी वर्ग ब्राहृमण विपक्षी दलों के दांव में आने वाला नहीं है। उसकी भाजपा पर पहले भी आस्था थी और आगे भी बनी रहेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने लखनऊ में भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की थी जबकि बाद में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इसे राजनीतिक हथकंडा बताते हुये ब्राहृमणों के लिये कई लोक लुभावन योजना का एलान किया था। बसपा प्रमुख मायावती ने भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने की घोषणा भी की थी।

संबंधित समाचार