विश्व चैम्पियनशिप के अनुभव का फायदा उठाकर ओलंपिक कोटा हासिल करना चाहती हैं निकहत जरीन

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Edited By Amrit Vichar
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एशियाई खेल महाद्वीप के मुक्केबाजों के लिए पेरिस ओलंपिक के लिए पहला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है

नई दिल्ली। निकहत जरीन ने दूसरी बार विश्व चैम्पियनशिप खिताब हासिल करने के बाद कहा कि रविवार को समाप्त हुई वैश्विक प्रतियोगिता में मिले अनुभव का फायदा उठाकर वह इस साल के अंत में होने वाले एशियाई खेलों से 2024 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना चाहती हैं। एशियाई खेल महाद्वीप के मुक्केबाजों के लिए पेरिस ओलंपिक के लिए पहला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है। निकहत ने पिछले साल 52 किग्रा में विश्व खिताब जीता था, अब 50 किग्रा वजन वर्ग में वह दूसरी बार विश्व चैम्पियन बनीं जो ओलंपिक वर्ग है। 

निकहत ने कहा, यह टूर्नामेंट अच्छा अनुभव था। विशेषकर 50 किग्रा वर्ग में, जो ओलंपिक वर्ग है। मुझे वरीयता भी नहीं मिली थी जिससे मुझे छह मुकाबले लड़ने पड़े। लेकिन अंत में मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता जिससे मैं बहुत खुश हूं।  इस 50 किग्रा वजन वर्ग में विश्व चैम्पियनशिप निकहत का दूसरा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। उन्होंने पिछले साल इसी वजन वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। निकहत ने कहा, मेरे लिए इस वजन वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों के बाद यह बड़ा टूर्नामेंट है। राष्ट्रमंडल खेलों में इतनी प्रतिस्पर्धा नहीं होती।  

उन्होंने कहा, यहां पूरी दुनिया से देश आते हैं और मेरे लगातार मैच थे जिससे कुछ मैचों में मैं थोड़ी धीमी भी थी। मैं इन अनुभवों से सीख लूंगी और मजबूत बनने की कोशिश करूंगी।  निकहत छह बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकॉम के बाद दो विश्व खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैंने लगातार स्वर्ण पदक जीते और इस जीत की लय को जारी रखकर खुश हूं। एशियाई खेल भी जल्द होने वाले हैं और लोगों की निश्चित रूप से उम्मीदें हैं लेकिन मैं इस दबाव को सकारात्मक तरीके से लूंगी। जो भी नतीजा होगा मेरे लिए अच्छा सबक रहेगा। 

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