लखनऊ: हाईकोर्ट का फर्जी आदेश बनाने वालों को तीन वर्ष की सजा
लखनऊ, अमृत विचार। सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट यशा शर्मा ने हाईकोर्ट का फर्जी आदेश तैयार कर दोहरे हत्याकांड में आजीवन कैद की सजा पाए एक अभियुक्त को रिहा कराने के मामले में दोषी करार दिए गए अभियुक्त बृजेश कुमार वर्मा, भुल्लन कुमार यादव व रजत कुमार यादव उर्फ पुराने को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में नौ जनवरी, 2014 को हाईकोर्ट के आदेश से सीबीआई ने इस मामले की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरु की थी। सीबीआई ने पाया कि 20 अगस्त, 2007 को पारित हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के एक फर्जी आदेश से रायबरेली जेल में निरुद्ध आरोपी भुल्लन यादव को रिहा कराया गया था।
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