Chaitra Navratri 2023 : अबला नहीं शक्ति स्वरूपा है नारी, धैर्य रखें...आगे बढ़ें
नमो देव्यै : शिक्षा, संस्कार और दृढ़ निश्चय से दें समाज को दिशा- ज्योति सिंह
ज्योति सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट । (फाइल फोटो)
मुरादाबाद, अमृत विचार। नारी अबला नहीं, शक्ति स्वरूपा है। शिक्षा की कुंजी से आर्थिक आजादी हासिल कर समाज का नेतृत्व कर सही दिशा प्रदान करें। नारी मां, बहन के रूप में वात्सल्य की प्रतिमूर्ति है तो दुर्गा, चंडी के रूप में दुष्टों का मान मर्दन भी कर सकती है। उच्च शिक्षा से महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की हिमायती सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति सिंह नारी सशक्तिकरण को और मजबूत बनाने का संदेश देती हैं। देवरिया जिले की रहने वाली ज्योति सिंह की रगों में पिता स्वामीनाथ जो आईपीएस अधिकारी रहे, का खून है। पिता के अलावा मां शैल से मिले संस्कार के दम पर वह जीवन के सफर में आगे बढ़ रही हैं। कर्तव्य के पथ पर दृढ़ता और अनुशासन उन्हें प्रिय है और दूसरों से भी इसकी अपेक्षा रखतीं हैं।
2015 बैच की पीसीएस ज्योति ने दसवीं की पढ़ाई जौनपुर से की। गोरखपुर के लिटिल फ्लावर स्कूल से 12वीं और फिर लखनऊ के आईईटी से बीटेक कर वह प्रशासनिक सेवा की ओर अग्रसर हुईं। उच्च शिक्षा ग्रहण कर 2015 बैच में पीसीएस उत्तीर्ण करने के बाद पहली तैनाती बहराइच में डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुई। यहां से अयोध्या में तैनाती हुई।
शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने की कुंजी
वह कहती हैं कि शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने की कुंजी है। उच्च शिक्षित होकर लड़कियां खुद को आर्थिक रूप से मजबूत कर अपने सपनों को पूरा करें। समाज और परिवार की मर्यादा को संजोते हुए दृढ़ता से अपने लक्ष्य के शिखर पर पहुंचें। खुद को कमजोर मानकर कमतर न आंकें। अपने को साबित करें और महिलाओं के साथ ही पूरे समाज और देश को दिशा दिखाएं।
सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता
अपने माता-पिता को आदर्श मानने वाली ज्योति मुरादाबाद में सिटी मजिस्ट्रेट के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सामाजिक कार्य विषय से पढ़ी ज्योति पद की भूमिका निभाने के साथ ही सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता देतीं हैं।
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