Navratri 2023: मानस की चौपाइयों और दुर्गासप्तशती के पाठ से गूंजे काशी के मठ और मंदिर  

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Edited By Amrit Vichar
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वाराणसी, अमृत विचार। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में 24 घंटे का अखंड रामचरितमानस पाठ बुधवार को शुरू हो गया। इसके अलावा शिव की नगरी काशी में नौ दिनों तक शक्ति की पूजा पूरे भक्ति से की गई। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नौ दिनों तक सभी विधानसभा क्षेत्रों के माँ दुर्गा मंदिर में जहां देवी का पाठ गूंजता रहा, वहीं जगह जगह अखंड रामायण ने हर तरफ माहौल को भक्तिमय बना दिया है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू नववर्ष के शुभारंभ और चैत्र नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती और अखंड रामचरित मानस के पाठ कराने की पहल की है। इसके लिए सरकार ने हर जिले को एक-एक लाख रुपये दिए हैं। 

नव संवत्सर, विक्रम संवत-2080 की शुरुआत होते ही सरकार ने चैत्र नवरात्र में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के देवी मंदिरों, शक्तिपीठों में दुर्गा सप्तशती और अखंड रामायण पाठ के आयोजन की घोषणा की थी। मंदिरों में भव्य आयोजन के लिए सरकार ने हर जिले को एक लाख रूपये भी दिए थे। इसी के साथ दिव्य व भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बुधवार को रामचरित की चौपाईयाँ गूंजी। भगवान शिव के आराध्य श्रीराम के स्तुति के लिए बाबा के प्रांगण में 24 घंटे का अखंड रामचरितमानस का पाठ बुधवार सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जिसका समापन रामनवमी गुरुवार को सुबह 10 होगा।
 
प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्र में स्थित देवी मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ बड़े ही श्रद्धा भाव से किया जा रहा है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन का भी आयोजन किया गया। क्षेत्रीय संस्कृति अधिकारी डॉ सुभाष यादव ने बताया कि वाराणसी में चैत्र नवरात्र के पहले दिन से अष्टमी तक दुर्गा मंदिरो में दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन हुआ। इसमे स्थानीय कलाकारों और लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

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