ममता बनर्जी बोलीं- सीपीएम से ही सीखकर भाजपा ने दंगा भड़काने का रास्ता चुना

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Edited By Amrit Vichar
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि मुझे हर वक़्त अलर्ट रहना होता कि भाजपा कब कहां जाकर दंगा कर दे। ये लोग समझते नहीं हैं बंगाल के लोग दंगा पसंद नहीं करते। दंगा करना बंगाल की संस्कृति नहीं है। हम दंगा नहीं करते हैं, आम लोग दंगा नहीं करते हैं, भाजपा से नहीं हो पाता तो दंगा भड़काने के लिए वे किराए के लोगों को लेकर आते हैं। रामनवमी में जिस युवक की तस्वीर हथियार लेकर देखी गई थी, ऐसा ही सीपीएम (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)) करती थी। क्या आप सीपीएम का अत्याचार भूल गए हैं?  क्या आप नंदीग्राम, खेजुरी, कोलाघाट, तमलुक की घटनाएं भूल गए? आज सीपीएम बड़ी-बड़ी बातें करती है, आज सीपीएम से ही सीख कर भाजपा ये यह रास्ता चुना है।

ममता बनर्जी ने कहा, ये (BJP) लोग रामनवमी की शोभायात्रा में राम का नाम बदनाम करने के लिए हावड़ा में बुलडोजर लेकर गए, ट्रैक्टर और बंदूक लेकर गए, इनके पास पुलिस की इजाज़त नहीं थी। ज़बरदस्ती इन्होंने फल-सब्जी की दुकाने जला दी, लोगों के घर जला दिए। हावड़ा में शांति हुई तो दूसरे दिन ये (BJP) लोग रिशड़ा चले गए। ये लोग धर्म के नाम पर धर्म को बदनाम कर रहे हैं।

पुलिस द्वारा उनके काफिले को रोके जाने पर बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, पुलिस ने हमें हाइवे पर रोक दिया है, धारा 144 आज सुबह हमारे धरना को देखते हुए लगाई गई है। हम राज्यपाल से मिलेंगे और मामले में केंद्रीय जांच की मांग करेंगे। हमने कोर्ट में भी केस किया है। पुलिस पूरी तरह से तृणमूल की कैडर की तरह काम कर रही है।

पश्चिम बंगाल भाजपा महासचिव ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा, कोलकाता  ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में सरकार चलाने में नाकामयाब है इसलिए वो कुछ भी बोल रही हैं। तो वो अपनी नाकामयाबी न छुपाए। उन्हें तो तत्काल अपना पद छोड़ देना चाहिए। वो सरकार में हैं इसलिए कुछ भी नहीं कर सकती हैं।

वहीँ, बिहार में हुई हिंसा पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी बोले, जब भी किसी राज्य में हिंसा होती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर आती है। बिहार शरीफ में मदरसा अजीजिया को आग के हवाले किया गया, एक मस्जिद के मीनार को तोड़ा गया और मुस्लिमों की दुकानों को निशाना बनाया गया तो इससे साफ पता चलता है कि इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश हुई है।

उन्होंने कहा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मालूम था कि नालंदा एक संवेदनशील जिला है, फिर भी ये हुआ। तो ये जो भी कुछ बिहार में हुआ उसकी जिम्मेदारी बिहार सरकार पर आती है। उन्हें मालूम था कि वहां हिंसा हो सकता है क्योंकि 2016 में भी इस तरह का हिंसा नालंदा में हुआ था। उन्हें इन सब से कोई तकलीफ नहीं हो रही है, वो कल इफ्तार में भी चले गए। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव मुसलमानों में डर पैदा करना चाहते हैं।

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