लखीमपुर-खीरी: मोहाना नदी में डूबे ग्रामीण का बरामद हुआ शव, परिजनों में मचा कोहराम

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। कोतवाली तिकुनिया क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी में डूबे युवक का दूसरे दिन शव बरामद हो गया है। शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वाले पोस्टमार्टम कराना नहीं चाहते थे, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी के समझाने के बाद परिजन राजी हो गए। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है।

गांव बाबापुरवा निवासी शफीक उर्फ लल्ला (40) मोहाना नदी के उस पर रेत में लौकी, ककड़ी, खीरा आदि की खेती करता था और उसे बेचकर परिवार का पालन पोषण करता था। रोज की तरह सोमवार को भी भतीजी 16 वर्षीय मुस्कान के साथ ककड़ी, लौकी आदि तोड़ कर वह नाव से नदी पार कर रहा था। नाव किनारे पर पहुंचने वाली ही थी कि इससे पहले ही नाव नदी में डूब गई। भतीजी तो किसी तरह से तैरकर बाहर निकल आई, लेकिन शफीक डूबने लगा। यह देख मुस्कान चीखने-चिल्लाने लगी। चीख पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते। इससे पहले ही शफीक लापता हो गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों को नदी में उतारकर उसकी खोजबीन कराई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इस पर सर्च अभियान बंद कर दिया गया था। 

मंगलवार को पीएसी, पुलिस और एसएसबी जवानों ने गोताखोरों की मदद से दोबारा सर्च अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 12 बजे उसका शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर बरामद हो गया। शव मिलते ही परिवार वालों में चीख पुकार मच गई। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सूचना पर ग्राम प्रधान राजाराम भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और समझाया बुझाया। इस पर परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है।  

रेत में सब्जी उगाकर परिवार का कर रहा था भरण–पोषण
नाव हादसे में मारा गया शफीक उर्फ लल्ला करीब 15 साल से मोहाना नदी की रेत में सब्जी के साथ ही खीरा, ककड़ी, खरबूजा आदि उगाकर परिवार का भरण पोषण करता था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। वह इकलौता कमाने वाला था। परिवार के मुखिया की मौत से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और दो साल का उसका पुत्र है। पति की मौत से पत्नी का रो-रोकर हाल बेहाल है।

दोपहर करीब 12 बजे शव बरामद हुआ है। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराना नहीं चाहते थे। बाद में समझाने पर मान गए थे। पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
राजू राव, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली तिकुनिया

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