बरेली: मनपसंद खाता है और मस्त रहता है ऑस्कर विजेता रघु

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

एलीफेंट व्हिस्परर्स के नायक हाथी की मुदुमलाई नेशनल पार्क में जांच करके लौटी आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की टीम

शिवांग पांडेय, बरेली। ऑस्कर विजेता भारतीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''द एलिफेंट व्हिस्परर्स'' के नायक हाथी रघु के मुदुमलाई नेशनल पार्क में रुटीन चेकअप और चिकित्सीय जांच के बाद आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की टीम लौट आई है। आईवीआरआई के वन्य प्राणी उद्यान के प्रभारी डॉ. अभिजीत पावड़े के मुताबिक रघु पूरी तरह स्वस्थ है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल की सीमा पर स्थित मुदुमलाई नेशनल पार्क में वह अब भी स्थानीय दंपती बोम्मन और बेली की देखरेख में पल रहा है।

आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की टीम पिछले दिनों मुदुमलाई नेशनल पार्क गई थी। वैज्ञानिकों ने वहां एलीफेंट व्हिस्परर्स डॉक्यूमेंट्री में लीड रोल निभाने वाले रघु के साथ 25 और हाथियों का परीक्षण किया। रघु पूरी तरह स्वस्थ मिला।

डॉ. पावड़े के अनुसार रघु नेशनल पार्क के शिविर में रहता है जहां उसे हॉर्स ग्राम, रागी, चावल, नमक, गुड़, मिनरल मिक्सचर, नारियल और गन्ने समेत बेहद खास डाइट दी जाती है। रघु समेत सभी हाथियों की लीद, ट्रक वाश फ्ल्यूड और खून के सैंपल लेकर ट्यूबरकुलोसिस, हीमोग्लोबिन समेत कई जरूरी जांच की गईं। इन सैंपलों को लैब में भी टेस्ट किया गया। सभी की रिपोर्ट सामान्य है।

हाथियों में ईईएचवी के संक्रमण ने बढ़ाई चिंता
वैज्ञानिकों के अनुसार एशियन हाथियों में ऐलीफैंट एंडोथिलियोट्रोपिक हर्पीस वायरस (ईईएचवी) के 1ए 1बी, ईएचवी3, ईचवी4 व ईएचवी5 टाइप का खतरा तेजी से फैल रहा है। इसी को देखते हुए हाथियों के सैंपलों का लैब में परीक्षण कर देखा जाता है कि कहीं वे ईईएचवी के कैरियर तो नहीं है। यह एक हाथी से दूसरे तक पहुंचने वाला वायरस है। इससे संक्रमित हाथियों की मृत्युदर 90 प्रतिशत है। कई और जांचों के साथ रघु और दूसरे हाथियों को इस वायरस से बचाने के लिए उनके भी ईईएचवी के सैंपल लिए गए।

रघु अब भी बोम्मन और बेली से अलग नहीं
दक्षिण की कट्टुनायकर जनजाति के दंपती बोम्मन और बेली को तमिलानाडु, कर्नाटक और केरल के सीमाक्षेत्र के मुदुमलाई में तीन महीने का घायल हाथी का बच्चा मिला था। उन्होंने उसे रघु नाम देकर उसके पालन-पोषण का जिम्मा ले लिया। इस दंपती ने एक मादा हाथी बोमी का भी पालन-पोषण किया।

फिलहाल रघु, बोमी समेत 25 से ज्यादा हाथी शिविर में प्रशिक्षित किए जा रहे है। रघु को बोम्मन और बेली से दूर न रहना पड़े, इसलिए उन्हें भी नेशनल पार्क में निवास दिया गया है। इसी पूरी यात्रा को द एलिफेंट व्हिस्परर्स डॉक्यूमेंट्री में दर्शाया गया है। नेशनल पार्क प्रबंधन की ओर से इन हाथियों से नए हाथियों को प्रशिक्षण देने के साथ पेट्रोलिंग जैसे कामों में मदद ली जाती है।

आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की ओर से लगातार वन्य जीवों के सरंक्षण में बेहतर प्रयास किया जा रहा है। वन्य प्राणी उद्यान की ओर से वन्य पशुओं के रोगों की रोकथाम में सकारात्मक काम किया जा रहा है--- डॉ. त्रिवेणी दत्त, निदेशक आईवीआरआई।

यह भी पढ़ें- बरेली: ट्रस्ट बनाकर सुरक्षा निधि के नाम पर लाखों की ठगी, रिपोर्ट दर्ज

संबंधित समाचार