अडाणी समूह की कई परियोजनाओं से जुड़ी है चीन की एक कंपनी: कांग्रेस 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि अडाणी समूह की कई परियोजनाओं के साथ चीन की एक कंपनी जुड़ी हुई है और इनमें से कुछ परियोजनाएं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। इस टिप्पणी को लेकर कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्षी दल पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के एक ट्वीट का जवाब देते हुए, रीजीजू ने कहा, संवेदनशील मामलों पर टिप्पणी न करें।

कांग्रेस को अरुणाचल प्रदेश के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। रमेश ने आरोप लगाया था कि कारोबाणी गौतम अडाणी के चीनी नागरिकों के साथ कारोबारी संबंध हैं। उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता है। कानून मंत्री ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी कथित रूप से लोकसभा को बता रहे हैं कि लंबे समय से भारत की सीमाओं को विकसित नहीं करने की नीति थी क्योंकि एक अविकसित सीमा एक विकसित सीमा से कहीं अधिक सुरक्षित थी।

लोकसभा में अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले रीजीजू ने कहा, "पहले इस वास्तविकता पर प्रतिक्रिया दें।" पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इससे पहले एक संवाददाता सम्मेलन में यह दावा भी किया कि इस चीनी कंपनी का मालिकाना हक चीन के एक नागरिक के पास है। अडाणी समूह ने कांग्रेस के इन आरोपों को फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालांकि अतीत में अनियमितता से जुड़े सभी आरोपों को उसने खारिज किया था।

सुप्रिया ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, अडाणी एंटरप्राइजेज के परिसर से चलने वाली चीनी कंपनी 'पीएमसी प्रोजेक्ट्स' का मालिकाना हक चीनी नागरिक मॉरिस चांग के पास है। मॉरिस चांग, चांग चुंग-लिंग के बेटे हैं। चांग चुंग-लिंग, अडानी के भाई विनोद अडाणी के अभिन्न मित्र और बिजनेस साझेदार हैं। उन्होंने दावा किया, यह चीनी कंपनी अडाणी समूह की कई परियोजनाओं से जुड़ी है और इनमें से कुछ परियोजनाएं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

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