Nainital News: वन विभाग की जमीन पर खनन माफिया ने बनवाई सड़क, हाईकोर्ट ने बैरिकेड लगाने के दिये आदेश
नैनीताल, अमृत विचार। उच्च न्यायालय ने ऊधमसिंह नगर जिले के गुलजारपुर में 300 एकड़ वन भूमि पर खनन माफियाओं द्वारा एक हजार से ज्यादा पेड़ों को काटकर कई किलोमीटर सड़क निर्माण करने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की।
मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने वन भूमि पर खनन माफियाओं द्वारा बनाई गई चारों सड़को पर बैरिकेडिंग लगाकर 24 घंटे निगरानी करने को कहा है।
साथ ही कोर्ट ने एसएसपी ऊधमसिंह नगर को इन बैरिकेडिंग पर वन विभाग के कर्मचारियों के साथ पुलिस बल को भी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व के आदेश पर रामनगर रेंज के डीएफओ अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
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उन्होंने अदालत को अवगत कराया कि अवैध खनन को रोकने के लिए उनके पास कर्मचारियों का अभाव है, जिसकी वजह से अवैध खनन माफिया सक्रिय हो रहे हैं। कर्मचारियों को इनसे जान-माल का खतरा बना रहता है।
क्या है पूरा मामला
ऊधमसिंह नगर जिले के गुलजारपुर निवासी प्रेमपाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा कि गुलजारपुर में 300 एकड़ में फैले जंगल की वन भूमि में खनन माफियाओं द्वारा वन भूमि को खुर्द-बुर्द कर एक हजार से ज्यादा पेडों को काटकर वनभूमि में 7 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर दिया गया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि वन विभाग और खनन माफियाओं की मिलीभगत से वनभूमि पर सड़क का निर्माण किया गया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए जबकि यह प्रतिबंधित क्षेत्र है। इसमें किसी को भी जाने के अनुमति नहीं है। उसके बाद यहां खनन का अवैध व्यवसाय वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है।
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