काशीपुरः हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास, साक्ष्य के अभाव में तीन महिलाएं बरी

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Edited By Amrit Vichar
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काशीपुर, अमृत विचार। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुबीर कुमार की अदालत ने हत्या और हत्या की साजिश के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि तीन महिलाओं को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

27 जून 2018 को पूर्वोत्तर रेलवे के ट्रैकमैन द्वारा आईटीआई थाने में सूचना दी कि रामपुरम कॉलोनी के पास रेलवे पटरी पर शव पड़ा है। परीक्षण करने पर शव के दोनों हाथों की मुट्ठियां बंद थी। खोलने पर मृतक के हाथ में बालों के टुकड़े पाए गए। जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। 

मृतक राकेश के भाई ग्राम कनौरा, बाजपुर निवासी कमल सिंह ने 28 जून 2018 को आईटीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें कहा कि उसका भाई राकेश अपनी पत्नी माया देवी के साथ 10 वर्ष से खड़कपुर देवीपुरा में रह रहा था। उसके भाई और भाभी के साथ उसका मौसेरा भाई यूपी के ग्राम मोहन तख्तपुर, थाना कुंदरकी मुरादाबाद निवासी इंद्रपाल भी दो महीने से रह रहा था। 

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इस दौरान उसकी भाभी का प्रेम प्रसंग मौसेरे भाई इंद्रपाल से हो गया। दोनों ने उसके भाई को जान से मारने की साजिश रच डाली। दोनों ने मिलकर अपने अन्य साथी खड़कपुर देवीपुरा निवासी रेखा, जमुना देवी तथा यूपी के ग्राम कलिया नगला, भगतपुर जिला मुरादाबाद निवासी गुड्डू को साथ लेकर 26 जून 2018 की रात फोन कर राकेश को बुलाया और शराब पिलाकर जान से मारकर खड़कपुर देवीपुरा में रेलवे पटरी पर दुर्घटना दिखाने के लिए डाल दिया। 

पुलिस ने माया को गिरफ्तार कर पूछताछ की। 29 जून को माया की निशानदेही पर आरोपी गुड्डू के कचनाल गोसाईं स्थित घर पर दबिश देकर गुड्डू के साथ ही इंद्रपाल, जमुना व रेखा को गिरफ्तार किया गया। 

आरोपियों के खिलाफ धारा 120बी, 302, 201 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रतन कंबोज व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनीं। 

अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयानों व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अनुशीलन करने के बाद न्यायालय ने माया, जमुना व रेखा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जबकि इंद्रपाल व गुड्डू को दोषसिद्ध करते हुए धारा 120बी व 302 में आजीवन कारावास तथा धारा 201 में सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

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