UPPSC PCS Result: DSP बन बेटा पहुंचा Kannauj, सोशल मीडिया से बनाई दूरी, यहां पढ़ें- IAS अफसर की सफलता की कहानी

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Edited By Amrit Vichar
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डिप्टी एसपी बनने के बाद बेटा पहुंचा कन्नौज।

पहले ही प्रयास में डिप्टी एसपी के पद पर चयनित होकर कन्नौज जिले का मान बढ़ाया। चयनित छात्र ने बताया कि आईएएस बनकर लोगों की सेवा करना ही मेरा लक्ष्य है।

कन्नौज, अमृत विचार। पहले ही प्रयास में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाने वाला बेटा कन्नौज पहुंचा तो परिजनों समेत शुभचिंतकों ने पलक पांवड़े बिछा दिए। कलेक्ट्रेट के एलबीसी के इकलौते पुत्र मयंक ने यह सफलता सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखते हुए तथा लक्ष्य आधारित पढ़ाई कर हासिल की है। 

डिप्टी एसपी बनने के बाद एलबीसी प्रभात कुमार त्रिपाठी के पुत्र मयंक शनिवार की रात घर पहुंचे तो मां ने आरती, माला व मिठाई खिलाकर स्वागत किया। सुबह होने पर बधाई और शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया। अमृत विचार संवाददाता भी उनकी सफलता की कहानी जानने उनके घर जा पहुंची। यहां पहुंचने पर उनके पिता बेहद सादगी व सहज भाव से मिले। कुछ देर में मयंक भी पहुंच गए।

जब बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो बोले, सफलता का सारा श्रेय माता अर्चना- पिता प्रभात त्रिपाठी व गुरुजनों के साथ ईश्वर की कृपा को जाता है। इसके बाद सवालों का क्रम आगे बढ़ा तो बताया कि परिवार में चाचा-ताऊ सभी लोग नेवी में रहे, पिता को कलेक्ट्रेट में काम करते देखा। ऐसे में उनके भीतर बचपन से ही यह बात घर कर गई थी कि उन्हें भी आईएएस बनना है।

शुरुआती शिक्षा के विषय में बताया कि स्थानीय जेपी स्कूल से वर्ष 2015 में हाईस्कूल तथा 2017 में इंटर की परीक्षा पास की। दोनों ही परीक्षा में जिले में टॉप किया था। इसके बाद आगे की शिक्षा दिल्ली के हिंदू कॉलेज से की जहां कॉलेज टॉप किया। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की जिसके लिए ऑनलाइन कोचिंग ली। सफलता पाने के लिए सोशल मीडिया से दूरी बना ली तथा लक्ष्य तय करके पढ़ाई की।

बताया कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान आईएएस टॉपर 2018 अनु कुमारी जी से मिला तो काफी प्रभावित किया। कॉलेज में आने वाले आईएएस अधिकारियों को सुना और सोचा कि जब यह लोग सफल हो सकते तो मैं क्यों नहीं। बस फिर धुन में लग गया। हालांकि अंतिम लक्ष्य अब भी आईएएस बनकर लोगों की सेवा करना है।

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