कोरोना का उभार
देश में कोरोना का प्रकोप फिर बढ़ रहा है लेकिन घबराने जैसी स्थिति नहीं है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5,880 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ देश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 35,199 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार महामारी से 14 लोगों की मौत हो गई।
देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,30,979 हो गई है। दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में चार-चार, केरल में दो, जबकि गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और राजस्थान से एक-एक मौत की सूचना है। प्रतिदिन करीब छह हजार मामले आ रहे हैं। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ कह रहे हैं कि यह संख्या मई तक 20 हजार प्रतिदिन भी हो सकती है। वायरस के प्रसार में आई इस तेजी की अनदेखी नहीं की जा सकती।
ऐसे में बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस पर नजर रखने की सलाह दी है। आईएमए के मुताबिक कम परीक्षण दर भी कोरोना के बढ़ते मामलों का एक कारण हो सकता है। आईएमए ने आशंका जताई है कि कोविड के नए संस्करण ने उभरना शुरू किया है जिस वजह से मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।
यह ठीक है कि कोराना का वायरस लगातार रूप बदल रहा है और इस बार नए वेरिएंट एक्सबीबी-1.16 का प्रकोप है। नए वैरिएंट को अत्यधिक संक्रामक बताया जा रहा है, लेकिन इससे कोई गंभीर जटिलता नहीं होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नया वैरिएंट अब तक 20 से अधिक देशों में सक्रिय है। इसके लक्षण पिछले वायरस के स्वरूप से मिलते-जुलते हैं, ऐसे में इसके लक्षण को पहचानना बेहद जरूरी है।
सोमवार को देशभर के अस्पतालों में मॉक ड्रिल किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग राज्यों के अस्पतालों को निर्देश दिया था कि वे अपने यहां माक ड्रिल का आयोजन कर स्वयं की समीक्षा करें कि वे कोरोना से लड़ने के लिए कितना तैयार हैं। केंद्र सरकार इस पर कड़ी नजर बनाए हुए है। हाल में राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की बैठक इसी दिशा में कदम था।
हालांकि इस बार इसके महामारी जैसा रूप लेने की संभावनाएं कम ही है। अब हमारे पास पहली-तीसरी और घातक दूसरी लहर से मुकाबले का अनुभव भी है। कई राज्य सरकारों ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने को लेकर नए निर्देश भी जारी किए हैं। फिलहाल किसी तरह की घबराहट की कोई बात नहीं है। यदि कोरोना जैसे कुछ भी लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत जांच कराई जानी चाहिए।
